भीमावरम जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

भीमावरम के बारे मे जानकारी

भीमावरम शहर, पश्चिमी गोदावरी जिले में स्थित है, २०११ की जनगणना के अनुसार यह शहर जिले का सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला शहर है, यहाँ पर ही सोमरम्म नामक तीर्थ है जो की पांच पञ्च कर्म क्षेत्रो में से एक है, भीमावरम शहर की अक्षांस और देशांतर १६ डिग्री ५४ मिनट उत्तर से ८१ डिग्री ५२ मिनट है, इसका क्षेत्रफल २५.६४ वर्ग किलोमीटर है, जनसँख्या १४२१८४ है, जनसँख्या घनत्व ५५०० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, भीमावरम में १०३१ महिला प्रति १००० पुरुष पर है, भीमावरम के साक्षरता ८३% है जो की राज्य की ७३% साक्षरता से ज्यादा है

भीमावरम का नक्शा

भीमावरम का नक्शा गूगल मैप पर

भीमावरम शहर दर्शनीय स्थल-

अनंतपुर जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अनंतपुर के बारे मे जानकारी

अनंतपुर, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र का एक जिला है, इसका क्षेत्रफल १९१३० वर्ग किलोमीटर है, इसके अंदर ५३ तहसील, २ लोक सभा क्षेत्र और १4 विधान सभा क्षेत्र पड़ते है, २०११ के अनुसार अनंतपुर शहर की जनसँख्या ४०४३३१५ है, जिसमे शहरी जनसँख्या का प्रतिशत २८% है, यहाँ की साक्षरता ६४% और प्रति १००० पुरुषो पर ९७८ महिलाये है, अनंतपुर राज्य का छठवा सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला जिला है, यहाँ का पुट्टापर्थी में बना सत्य साई बाबा का आश्रम पुरे विश्व में उनके अनुयायियों के कारण प्रसिद्द है, अनंतपुर डोलोमाइट और कच्चे आयरन के उत्पादन में अग्रणी है, २००६ में इस जिले को देश के ६४० पिछड़े जिलो में सर्वाधिक पिछड़े जिलो की सूचि में २५० नम्बर पर रखा गया था।

अनंतपुर का नक्शा

अनंतपुर का नक्शा गूगल मैप पर

अनंतपुर शहर दर्शनीय स्थल

– अनंतपुर, इस्कॉन मंदिर, समाधि तीर्थ, रायदुर्ग गूटी किला, मौनगिरी हनुमान मंदिर, माधवराय मंदिर, पेनुकोंडा किला, रायदुर्ग किला, अनंतसागरम

अमरावती जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अमरावती के बारे मे जानकारी

अमरावती, आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी का नाम है, इसका निर्माण प्रस्तर भारत के माननीय मुख्यमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी ने रखा था, अभी तक यह गुंटूर जिले में है, पर शायद प्रदेश की राजधानी बनाये जाने के बाद इसे भी जिला घोसित कर दिया जाये, अमरावती के अक्षांस और देशांतर १६ डिग्री ५४ मिनट उत्तर से ८० डिग्री ५१ मिनट पूर्व तक है, अमरावती का कुल क्षेत्रफल २१७ वर्ग किलोमीटर, जनसँख्या २०११ के अनुसार १०३,००० है और जनसंख्या घनत्व ४७५ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है

अमरावती का नक्शा

अमरावती का नक्शा गूगल मैप पर

अमरावती शहर दर्शनीय स्थल

आदोनी जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

आदोनी के बारे मे जानकारी

अदोनी, आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक शहर है, इसके अक्षांस और देशांतर १५ डिग्री ३७ मिनट उत्तर से ७७ डिग्री १६ मिनट पूर्व तक है, अदोनी की जनसँख्या २०११ में १६६३४४ थी और यह शहर जनसँख्या के मामले में आंध्र प्रदेश में १६वे नंबर पर है, क्षेत्रफल ३२.७१ वर्ग किलोमीटर यह शहर क्षेत्रफल के मामले में आंध्र प्रदेश में १३वे नंबर पर है , अदोनी समुद्रतल से ४३५ मीटर की ऊंचाई पर बसा है, यहाँ पर १००८ महिलाये है प्रति १००० पुरुषो पर, यहाँ पर लोक सभा और विधान सभा की १-१ सीट ही है, यहाँ के व्यवसायों में सूट और मूंगफली का उद्योग अधिक विकसित है, अदोनी आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, १६६० में बानी शाही जामिया मस्जिद इस शहर का प्रमुख धरा चिन्ह है।

आदोनी का नक्शा

आदोनी का नक्शा गूगल मैप पर

आदोनी शहर दर्शनीय स्थल

१६६० में बनी शाही जामिया मस्जिद यहाँ का प्रमुख दर्शनीय स्थल है, इसके आर्किटेक्ट मल्ली संदल थे, ऐसा मन जाता है की इस मस्जिद का निर्माण सिद्दी मसूद ने करवाया था जो की तत्कालीन गवर्नर था

रोहतक, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

रोहतक के बारे मे जानकारी-

रोहतक, हरियाणा का एक जिला है, ये नयी दिल्ली अर्थात देश की राजधानी से ७० किलोमीटर उत्तर में स्थित है, और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ से २५० किलोमीटर दक्षिण में है, यह राष्ट्रिय राजमार्ग १० पर है और इसको राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जोड़ने की चर्चा जोरो पर है।

रोहतक का नक्शा

रोहतक का नक्शा गूगल मैप पर

रोहतक शहर दर्शनीय स्थल

बन्नी खेड़ा फार्म, तिल्यार झील, जामा मस्जिद, पीरजादा मस्जिद, राजपूतों प्राचीन स्मारक

रोहतक की जनसंख्या और साक्षरता

रोहतक, हरियाणां का छठवा सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला जिला है, 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसंख्या २ लाख ७४ हजार २ सौ ९२ है और यहाँ की साक्षरता दर 84.08% है।

रोहतक की अन्य जानकारिया

यहाँ के अक्षांश और देशांतर २८ डिग्री ८९०९ मिनट उत्तर और ७६ डिग्री ५७९६ मिनुत पूर्व में है, यहाँ की गवर्निंग बॉडी नगर पालिका परिषद है, यहाँ से कोन्ग्रेस्स पार्टी के दीपेंद्र हूडा सांसद है और बीजेपी के मनीष ग्रोवर बिधायक है, yahaa का क्षेत्रफल ११५ वर्ग किलोमीटर है और समुद्रतल से ऊंचाई २२० मीटर है।

यहाँ का PIN कोड १२४००१ से लेकर १२४०१७ तक है, STD कोड 01262 और वाहनों का रजिस्ट्रशन हरियाणा १२ और हरियाणा ४६ [व्यवसायिक ], यहाँ से राष्ट्रिय राजमार्ग १०, ७१, ७१ए’, स्टेट हाइवे १८ गुजरते है।

हरिद्वार उत्तराखंड, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

हरिद्वार के बारे में जानकारी

हरिद्वार को कुछ लोग हरद्वार भी कह देते है, हरिद्वार उत्तराखंड का एक जिला है और यह गंगा नदी की दोनों तरफ बसा हुआ है, इस स्थान पर अगर गंगा जी के जल का वेग मापा जाये तो ये २५० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बहता है, इसलिए स्नानों के लिए गंगा जी की कम वेग की धराये निकल कर उन पर घाट बनाये गए है और लोहे की जंजीरे भी लगायी गयी है।

हरिद्वार जिले का क्षेत्रफल तो बहुत है, पर शहर का क्षेत्रफल सिर्फ १२.३ वर्ग किलोमीटर है और ये शहर समुद्र तल से ३१४ मीटर की ऊंचाई पर है, इस शहर की जनसंख्या ३ लाख १० हजार ५ सो ६२ है २०११ की जनगणना के अनुसार, इस शहर का पिन कोड २३९४०१ और एसटीडी कोड ०१३३४ है, वाहनों के रजिस्ट्रशन के संख्या ‘यूके ०८’ से शुरू होती है, आधिकारिक भाषाएँ हिंदी और उर्दू है।

हरिद्वार का नक्शा

गूगल मैप की सहायता से निर्मित हरिद्वार का नक्शा

 

हरिद्वार के दर्शनीय स्थल

हरिद्वार पूरी तरह से गंगा जी द्वारा संरक्षित है, आप जिधर भी देखेगे आपको कही न कही गंगा जी दिखाई देंगी, परंतु यहाँ और भी दर्शनीय स्थल है जैसे हर की पौड़ी शांति कुञ्ज आश्रम मनसा देवी चंडी देवी का मंदिर माया देवी का मंदिर भारत माता का मंदिर कनखल नील धरा पक्षी विहार सप्त ऋषि आश्रम

झज्जर, हरियाणा

झज्जर का इतिहास एवम झज्जर की अन्य जानकारियां

झज्‍जर की स्थापना छज्जु नाम के एक जाट ने की थी। पहले इसका नाम ‘छज्जु नगर’ था लेकिन बाद में यह झज्जर हो गया। हरियाणा में स्थित झज्जर बहुत सुन्दर पर्यटन स्‍थल है। यह दिल्ली से लगभग 65 किमी. की दूरी पर स्थित है।

हरियाण के दो मुख्य शहर बहादुरगढ़ और बेरी है। बहादुरगढ़ की स्थापना राठी जाटों ने की थी। पहले बहादुरगढ़ को सर्राफाबाद के नाम से जाना जाता था। पिछले दिनों बहादुरगढ़ का तेजी से औद्योगिकरण हुआ है। बेरी इसका दूसरा मुख्य शहर है। यहां भीमेश्वरी देवी का प्रसिद्ध मन्दिर है। इस मन्दिर में पूजा करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। मन्दिरों के अलावा पर्यटक यहां पर भिंडावास पक्षी अभ्यारण घूमने भी जा सकते हैं।

झज्जर हरियाणा का एक जिला है और एक महत्वपूर्ण शहर भी है, यह 15 जुलाई १९९७ को रोहतक जिले से कुछ तहसीलो और उपमंडलों को निकल क्र बना है, इसके कॉऑर्डिनेट्स २८ डिग्री ६2 मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ६५ मिनट पूर्व तक है, इस शहर की समुद्र तल से ऊंचाई २२० मीटर है, २०११ की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसँख्या ३९ हजार ८ सौ २७ है

झज्जर का नक्शा

झज्जर का नक्शा गूगल मैप पर

 

झज्जर शहर दर्शनीय स्थल

  • भिंडावास पक्षी अभ्यारण
  • भीमेश्वरी देवी मन्दिर
  • बुआ का गुम्बद
  • झज्जर स्थित १०१ फुट ऊँची शिव की मूर्ति

फ़रीदाबाद, हरियाणा

फ़रीदाबाद  के बारे मे जानकारी

फरीदाबाद के कोऑर्डिनेट्स २8 डिग्री ४२११ मिनट उत्तर से ७७ डिग्री ३०७८ मिनट पूर्व तक है, इसका क्षेत्रफल ७४२.९ वर्ग किलोमीटर है, यानि की २८६.८ वर्ग माइल्स, समुद्र तल से ऊंचाई १९८ मीटर या ६५० फिट, २०११ की जनगणना के अनुसार १४ लाख, ४ हजार ६ सौ ५३ है और जनसँख्या घनत्व २४२१ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, फरीदाबाद की आधिकारिक भाषा हिंदी, हरियानवी और पंजाबी है, एसटीडी कॉड और पिन कॉड क्रमश ०१२९ और १२१००१ है, वहां रजिस्ट्रेशन के लिए ‘हरियाणां ५१’ ‘हरियाणा २९’ और व्यवसायिक वाहनों के लिए ‘हरियाणा ३८’ है।

फ़रीदाबाद का इतिहास

फ़रीदाबाद भारत के  हरियाणा प्रदेश का प्रमुख शहर है। यह फ़रीदाबाद जिले में आता है। इसे 1607 में शेख फरीद, जहांगीर के खजांची ने बनवाया था। उनका मकसद यहां से गुजरने वाले राजमार्ग की रक्षा करना था। यह दिल्ली से 25 किलोमीटर दक्षिण मे स्थित है। 15 अगस्त 1979 में यह हरियाणा का 12वां जिला बना। आज फ़रीदाबाद अपने उद्यॉगों के लिए प्रसिद्ध है।  उन्होंने यहां किले और मस्जिद का निर्माण भी कराया था। समय के साथ यहां की आबादी बढ़ती गई और इसका विकास होता गया।  हरियाणा की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा फरीदाबाद से ही आता है।

फ़रीदाबाद  का नक्शा

गूगल मैप की सहायता से बना फरीदाबाद का नक्शा

फरीदाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • बधकल झील
  • सूरजकुंड टूरिस्ट परिसर
  • शिर्डी साई बाबा मंदिर
  • इस्कॉन मंदिर
  • सूरजकुंड झील
  • राजा नाहर सिटी पैलेस
  • धौज झील आदि

गुड़गाँव, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

गुड़गाँव के बारे मे जानकारी

गुड़गाँव की स्थापना 15 अगस्त 1979 ई. को की गई थी। महाभारत काल में राजा युधिष्ठिर ने गुड़गाँव को अपने धर्मगुरु द्रोणाचार्य को उपहार स्वरूप दिया था और आज भी उनके नाम पर एक तालाब के भग्नावशेष तथा एक मंदिर प्रतीक के तौर पर विद्यमान हैं। इस कारण इसका नाम गुरुगाँव पड़ा था। बाद में समय के साथ इसका नाम गुड़गाँव हो गया। गुड़गाँव, भारतीय राज्य हरियाणा का छठा सबसे बड़ा शहर है। यह हरियाणा के ४ प्रमण्डलों में से भी एक है। गुडगाँव हरियाणा का ओद्योगिक और वितीय केंद्र है। गुड़गाँव दिल्ली के चार प्रमुख उपग्रह शहरो में से एक है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा है। गुड़गाँव दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली मेट्रो के माध्यम से सीमा साँझा करता है। हरियाणा की की नयी बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता की बाउट समय से मांग को ध्यान में रखते हुए गुडगाँव का नाम गुरुग्राम कर दिया।

 

गुडगाँव का नक्शा


गुड़गांव का गूगल मैप

गुड़गाँव का इतिहास

इतिहास में गुडगाँव पर हमेशा से दिल्ली पर राज करने वाले राजाओ का ही अधिकार रहा है जेसे की राजपूत, यदुवंशी, मुग़ल, मराठा आदि। यह दिल्ली के चार प्रमुख उपनगरों मे से एक है इसलिए इसे भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा माना जाता है। गुड़गाँव को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक सबसे अभिजात्य क्षेत्र भी एक माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में शहर का अत्यधिक विकास हुआ है तथा देश के भीतर एक आउटसोर्सिंग गंतव्य के रूप में विकसित होने के अतिरिक्ति इस क्षेत्र ने एक अचल संपत्ति मे आया एक अभूतपूर्व उछाल देखा है।

गुड़गांव पर पहले हिन्दू राजाओ का राज्य था, सबसे पहले यादववंशी राजपूतो का राज्य था, परन्तु ११९६ में ये लोग मुहम्मद घोर से हर गए , इसके बाद फिरोज शाह तुगलक का राज हुआ जिसके काल में काफी लोगो को इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया।

फिर यहाँ पर तैमूर का हमला हुआ, फिर बाबर ने भी यहाँ पर शासन किया, जब अकबर ने अपनी राजधानी दिल्ली के बजाये आगरा की तब इसका शासन मुघलो के हाथो से निकल गया, और १८०३ में अंग्रेजो के अधीन आ गया एक संधि के अनुसार जो की सुरजी अर्जुनगाँव में सिंधीयो के साथ हुयी थी, १९६६ में यह हरियाणा में शामिल किया गया।

गुड़गाँव शहर दर्शनीय स्थल-

कुतुब खान का मकबरा, वाटर पार्क, फन एण्ड फूड, दमदमा झील, सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान पक्षी अभयारण्य, उरुस्वती लोक कथाओं का संग्रहालय शीतला माता मंदिर, किंगडम ऑफ़ ड्रीम, ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, इसके बाद पुरे परिवार के घूमने के लिए अपनों घर अम्यूसमेंट पार्क है, फारुख नगर किला, iSkate ये एम्बिएंस माल में है इसका उद्घाटन २०११ में हुआ था

 

 

देहरादून, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

देहरादून के बारे मे जानकारी

देहरादून उत्तराखंड का एक जिला है साथ ही ये राज्य की राजधानी भी है, यह नगर पालिका बोर्ड द्वारा संचालित है, जिसमे मेयर , जिलाधिकारी और एक वरिष्ठ पुलिश अधिकारी होता है, इसकी आबादी २०११ के अनुसार ६ लाख के आसपास है और जनसंख्या घनत्व २००० व्यक्ति प्रतिवर्ग किलोमीटर है।

यह नगर हिमालय की दून घाटी की तलहटी में है और इसके एक पूर्वी तरफ गंगा नदी है और पश्चिमी तरफ जमुना नदी है, यहाँ से मसूरी पास है, और यहाँ पर कई राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग केंद्र है जिनमे, इंडियन मिलेट्री अकादमी, इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस अकादमी, इंदिरा गाँधी फारेस्ट अकादमी इत्यादि।

देहरादून नगर की नगर की स्थपना किसने की, ये एक यक्ष प्रश्न है, कुछ लोगो का मानना है की इसका नाम द्रोणाचार्य के नाम पर हस्तिनापुर नरेश ने महात्मा भीष्म के आग्रह पर रखा था, परंतु एक नयी कहानी सिखों से जुडी हुयी भी है, इसके अनुसार ये गुरूद्वारे का अपभ्रंस रूप है, यानि की १८१८ में यहाँ पर गुरु अर्जुनदेव जी ने डेरा डाला था, तो वही डेरा कालांतर में देहरा बन गया और ये एक दूं घाटी था इसलिए वो डेरा का देहरा और दून मिला कर बन गया देहरादून, ये है देहरादून के स्थापना के सम्बन्ध की कहानी.

देहरादून का नक्शा

देहरादून का नक्शा गूगल मैप पर

देहरादून शहर दर्शनीय स्थल

देहरादून में बहुत से दर्शनीय स्थल है जिनमे टपकेश्वर मंदिर ‘यह मंदिर सिटी बस स्टेंड से 5.5 कि॰मी॰ की दूरी पर गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक छोटी नदी के किनारे बना है।’, राजाजी राष्ट्रिय पार्क ‘1966 में स्थापित यह पार्क 820.42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। शिवालिक रेंज में स्थित इस पार्क में स्तनधारी जानवरों की 23 प्रजातियां हैं। इसका नाम श्री सी राज गोपालाचारी जैसी विशिष्ट शख्सियत के नाम पर रखा गया है जिन्हें लोग प्यार से राजा जी कहकर बुलाते थे’, गुच्छुपानी गुफा ‘हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर लच्छीवाला-डोईवाला से 3 कि॰मी॰ और देहरादून से 22 कि॰मी॰ दूर है। सुंदर दृश्यावली वाला यह स्थान पिकनिक-स्पॉट है’, मालसी डियर पार्क ‘मालसी डियर पार्क एक छोटा सा चिड़ियाघर है जहां बच्चों के लिए प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा एक पार्क भी विकसित किया गया है’

इसके अलाबा भी बहुत से दर्शनीय पर्यटन स्थल है जैसे गुरु रामराय दरबार, संतौला देवी मंदिर, लक्ष्मण सिद्ध, चन्द्रबाणी या चंद्रबनी, साई दरबार, तपोवन, महान स्तूप , बुद्ध की मूर्ति, आसन कंजर्वेशन रिजर्व, कलंगा स्मारक, कालसी और भागीरथ रिज़ार्ट।