गुड़गाँव, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

गुड़गाँव के बारे मे जानकारी

गुड़गाँव की स्थापना 15 अगस्त 1979 ई. को की गई थी। महाभारत काल में राजा युधिष्ठिर ने गुड़गाँव को अपने धर्मगुरु द्रोणाचार्य को उपहार स्वरूप दिया था और आज भी उनके नाम पर एक तालाब के भग्नावशेष तथा एक मंदिर प्रतीक के तौर पर विद्यमान हैं। इस कारण इसका नाम गुरुगाँव पड़ा था। बाद में समय के साथ इसका नाम गुड़गाँव हो गया। गुड़गाँव, भारतीय राज्य हरियाणा का छठा सबसे बड़ा शहर है। यह हरियाणा के ४ प्रमण्डलों में से भी एक है। गुडगाँव हरियाणा का ओद्योगिक और वितीय केंद्र है। गुड़गाँव दिल्ली के चार प्रमुख उपग्रह शहरो में से एक है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा है। गुड़गाँव दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली मेट्रो के माध्यम से सीमा साँझा करता है। हरियाणा की की नयी बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता की बाउट समय से मांग को ध्यान में रखते हुए गुडगाँव का नाम गुरुग्राम कर दिया।

 

गुडगाँव का नक्शा


गुड़गांव का गूगल मैप

गुड़गाँव का इतिहास

इतिहास में गुडगाँव पर हमेशा से दिल्ली पर राज करने वाले राजाओ का ही अधिकार रहा है जेसे की राजपूत, यदुवंशी, मुग़ल, मराठा आदि। यह दिल्ली के चार प्रमुख उपनगरों मे से एक है इसलिए इसे भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा माना जाता है। गुड़गाँव को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक सबसे अभिजात्य क्षेत्र भी एक माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में शहर का अत्यधिक विकास हुआ है तथा देश के भीतर एक आउटसोर्सिंग गंतव्य के रूप में विकसित होने के अतिरिक्ति इस क्षेत्र ने एक अचल संपत्ति मे आया एक अभूतपूर्व उछाल देखा है।

गुड़गांव पर पहले हिन्दू राजाओ का राज्य था, सबसे पहले यादववंशी राजपूतो का राज्य था, परन्तु ११९६ में ये लोग मुहम्मद घोर से हर गए , इसके बाद फिरोज शाह तुगलक का राज हुआ जिसके काल में काफी लोगो को इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया।

फिर यहाँ पर तैमूर का हमला हुआ, फिर बाबर ने भी यहाँ पर शासन किया, जब अकबर ने अपनी राजधानी दिल्ली के बजाये आगरा की तब इसका शासन मुघलो के हाथो से निकल गया, और १८०३ में अंग्रेजो के अधीन आ गया एक संधि के अनुसार जो की सुरजी अर्जुनगाँव में सिंधीयो के साथ हुयी थी, १९६६ में यह हरियाणा में शामिल किया गया।

गुड़गाँव शहर दर्शनीय स्थल-

कुतुब खान का मकबरा, वाटर पार्क, फन एण्ड फूड, दमदमा झील, सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान पक्षी अभयारण्य, उरुस्वती लोक कथाओं का संग्रहालय शीतला माता मंदिर, किंगडम ऑफ़ ड्रीम, ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, इसके बाद पुरे परिवार के घूमने के लिए अपनों घर अम्यूसमेंट पार्क है, फारुख नगर किला, iSkate ये एम्बिएंस माल में है इसका उद्घाटन २०११ में हुआ था

 

 

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