Information and Facts about Muzaffarpur

Information about Muzaffarpur

Name Muzaffarpur
Country India
Continent Asia
Come in existance 1875
Previous name any Muzaffar Khan
Area in KM 3,172 km2
Area in miles 1,225 sq mi
Water Area 3,172 km²
Population 393,724
Population Density 1,181 people per sq. km.
Lat Long 26.1209° N, 85.3647° E
Name of Monuments Baba Garibnath Temple, Rajkhand, Jubba Sahni Park, Ramna Devi Mandir, Shri Ram Temple, Kali Mata Temple,
Places to Visit Garib Sthan Mandir Temple, Litchi Gardens, Jubba Sahni Park, Ramna Devi Mandir, Kali Mata Temple, Shri Ram Temple, Simri Mai Temple, Ambara Chowk
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 621
Zip Code Start 842001
Languages Hindi, English, Maithili, Bajjika, Urdu
Mayor Varsha Singh
Rivers Bagmati River
Airports Muzaffarpur Airport

Historical Facts about Muzaffarpur in Hindi
मुजफ्फरपुर उत्तरी बिहार राज्य के सबसे बड़े शहर का मुख्यालय तथा मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले का प्रमुख नगर एवं मुख्यालय है। अपने सूती वस्त्र उद्योग तथा आम और लीची जैसे फलों के उम्दा उत्पादन के लिये यह जिला पूरे विश्व में जाना जाता है। यहाँ तक भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक को यहाँ से लिच्ची भेजी जाती है। उत्तर में पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी या सीतामढी, दक्षिण में वैशाली और सारण, पूर्व में समस्तीपुर और दरभंगा तथा पश्चिम में गोपालगंज से मुजफ्फरपुर जिला घिरा है। बज्जिका यहाँ की बोली और हिन्दी तथा उर्दू यहाँ की मुख्य भाषाएँ हैं। मिथिला के राजा जनक के समय तिरहुत प्रदेश मिथिला का अंग था। बाद में राजनैतिक शक्ति विदेह से वैशाली की ओर हस्तांतरित हुआ। तीसरी सदी में भारत आए चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा विवरणों से यह पता चलता है कि यह क्षेत्र काफी समय तक महाराजा हर्षवर्धन के शासन में रहा। उनकी मृत्यु के बाद स्थानीय क्षत्रपों का कुछ समय शासन रहा तथा आठवीं सदी के बाद यहाँ बंगाल के पाल वंश के शासकों का शासन शुरु हुआ जो 1019 तक जारी रहा। तिरहुत पर लगभग 11 वीं सदी मे चेदि वंश का भी कुछ समय शासन रहा। सन 1211 से 1226 बीच गैसुद्दीन एवाज़ तिरहुत का पहला मुसलमान शासक बना। चम्पारण के सिमराँव वंश के शासक हरसिंह देव के समय 1323 ईस्वी में तुग़लक वंश के शासक गयासुद्दीन तुग़लक ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया लेकिन उसने सत्ता मिथिला के शासक कामेश्वर ठाकुर को सौंप दी। चौदहवीं सदी के अंत में तिरहुत समेत पूरे उत्तरी बिहार का नियंत्रण जौनपुर के राजाओं के हाथ में चला गया जो तबतक जारी रहा जबतक दिल्ली सल्तनत के सिकन्दर लोदी ने जौनपुर के शासकों को हराकर अपना शासन स्थापित नहीं किया। इसके बाद विभिन्न मुग़ल शासकों और बंगाल के नवाबों के प्रतिनिधि इस क्षेत्र का शासन चलाते रहे। पठान सरदार दाऊद खान को हराने के बाद मुगलों ने नए बिहार प्रांत का गठन किया जिसमें तिरहुत को शामिल कर लिया गया।
1764 में बक्सर की लडाई के बाद यह क्षेत्र सीधे तौर पर अंग्रेजी हुकूमत के अधीन हो गया। सन 1875 में प्रशासनिक सुविधा के लिये तिरहुत का गठन कर मुजफ्फरपुर जिला बनाया गया। मुजफ्फरपुर ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूरण भूमिका निभाई है। महात्मा गाँधी की दो यात्राओं ने इस क्षेत्र के लोगों में स्वाधीनता के चाह की नयी जान फूँकी थी। खुदीराम बोस तथा जुब्बा साहनी जैसे अनेक क्रांतिकारियों की यह कर्मभूमि रही है। 1930 के नमक आन्दोलन से लेकर 1942 के भारत छोडो आन्दोलन के समय तक यहाँ के क्रांतिकारियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे। मुजफ्फरपुर का वर्तमान नाम ब्रिटिस काल के राजस्व अधिकारी मुजफ्फर खान के नाम पर पड़ा है। 1972 तक मुजफ्फरपुर जिले में शिवहर, सीतामढी तथा वैशाली जिला शामिल था। मुजफ्फरपुर को इस्लामी और हिन्दू सभ्यताओं की मिलन स्थली के रूप में भी देखा जाता रहा है। दोनों सभ्यताओं के रंग यहाँ गहरे मिले हुये हैं और यही इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी है।

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Information and Facts about Bhagalpur, Bihar

Information about Bhagalpur

Name Bhagalpur
Country India
Continent Asia
Come in existance
Previous name any Bhagdatpuram
Area in KM 110 km2
Area in miles 40 sq mi
Water Area 110 km²
Population 410,210
Population Density 1,180 inhabitants per square kilometre (3,100/sq mi)
Lat Long 25.3478° N, 86.9824° E
Name of Monuments Vikramshila, Mount Mandar, Colganj Rock Cut Temple, Sultanganj, Kuppa Ghat
Places to Visit Mandar Hills, Ghuran Peer Baba, Vaasupujya Bhagwan Mahavir Jain Mandir, Ancient Vikramsila University, Bhikhanpur, Colganj Rock Cut Temples, Burhanath Temple, Ajgaibinath Temple,
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 641
Zip Code Start 812001
Languages Angika, Hindi
Mayor Deepak Bhuwania
Rivers Ganges
Airports Bhagalpur Airport

 

Historical Facts about Bhagalpur in Hindi

भागलपुर बिहार प्रान्त का एक शहर है। गंगा के तट पर बसा यह एक अत्यंत प्राचीन शहर है। पुराणों में और महाभारत में इस क्षेत्र को अंग प्रदेश का हिस्सा माना गया है। भागलपुर के निकट स्थित चम्पानगर महान पराक्रमी शूरवीर कर्ण की राजधानी मानी जाती रही है।भागलपुर सिल्क के व्यापार के लिये विश्वविख्यात रहा है,पवित्र् गंगा नदी को जाह्नवी के नाम से भी जाना जाता है। जिस स्‍थान पर गंगा को यह नाम दिया गया उसे अजगैवी नाथ कहा जाता है यह तीर्थ भी भागलपुर में ही है। बिहार के गौरवशाली इतिहास में भागलपुर एक नगीने की तरह है।

इतिहास में झांकें तो हम पाते हैं बीते समय में भागलपुर भारत के दस बेहतरीन शहरों में से एक था। आज का भागलपुर सिल्‍क नगरी के रूप में ज्‍यादा जाना जाता है। इसका इतिहास काफी पुराना है। भागलपुर को (ईसा पूर्व 5वीं सदी) चंपावती के नाम से जाना जाता था। यह वह काल था जब गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भारतीय सम्राटों का वर्चस्‍व बढ़ता जा रहा था। अंग 16 महाजनपदों में से एक था जिसकी राजधानी चंपावती थी।

अंग महाजनपद को पुराने समय में मलिनी, चम्‍पापुरी, चम्‍पा मलिनी, कला मलिनी आदि आदि के नाम से जाना जाता था।जबकि कर्ण पर्व में अंग को एक ऐसे प्रदेश के रूप में जाना जाता था जहां पत्‍नी और बच्‍चों को बेचा जाता है। वहीं दूसरी ओर महाभारत में अंग (चम्‍पा) को एक तीर्थस्‍थल के रूप में पेश किया गया है। इस ग्रंथ के अनुसार अंग राजवंश का संस्‍थापक राजकुमार अंग थे। जबकि रामयाण के अनुसार यह वह स्‍थान है जहां कामदेव ने अपने अंग को काटा था।

 

भागलपुर के मुख्य आकर्षण

मंदार पहाड़ी-

यह पहाड़ी भागलपुर से 48 किलोमीटर की दूरी पर है, जो अब बांका जिले मे स्थित है। इसकी ऊंचाई 800 फीट है। इसके संबंध में कहा जाता है कि इसका प्रयोग सागर मंथन में किया गया था। किंवदंतियों के अनुसार इस पहाड़ी के चारों ओर अभी भी शेषनाग के चिन्‍ह को देखा जा सकता है, जिसको इसके चारों ओर बांधकर समुद्र मंथन किया गया था। कालिदास के कुमारसंभवम में पहाड़ी पर भगवान विष्‍णु के पदचिन्‍हों के बारे में बताया गया है। इस पहाड़ी पर हिन्‍दू देवी देवताओं का मंदिर भी स्थित है।

विक्रशिला विश्‍वविद्यालय

-विक्रमशिला विश्‍वविद्यालय नालन्‍दा के समकक्ष माना जाता था। इसका निर्माण पाल वंश के शासक धर्मपाल  ने करवाया था। धर्मपाल ने यहां की दो चीजों से प्रभावित होकर इसका निर्माण कराया था। पहला, यह एक लोकप्रिय तांत्रिक केंद्र था जो कोसी और गंगा नदी से घिरा हुआ था। यहां मां काली और भगवान शिव का मंदिर भी स्थित है।

कहलगांव

-यहां तीन छोटे-छोटे टापू हैं। कहा जाता है कि जाह्नु ऋषि के तप में गंगा की तीव्र धारा से यहीं पर व्‍यवधान पड़ा था। इससे क्रो‍धित होकर ऋषि ने गंगा को अपनी जांघ में कर लिया था। बाद में राजा भागीरथ के प्रार्थना के उपरांत उन्‍होंने गंगा को छोड़ दिया। इसके बाद से गंगा की धाराएं बदल गई और यह दक्षिण से उत्‍तर की ओर गमन करने लगी। एक मात्र पत्‍थर पड़ बना हुआ मंदिर भी देखने लायक है।

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Bhagalpur News in Hindi

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Information and Facts about Gaya, India

Information about Gaya

Name Gaya
Country India
Continent Asia
Come in existance 1787
Previous name any Daegaya
Area in KM 90.17 km2
Area in miles 34.81 sq mi
Water Area 90.17 km²
Population 470,839
Population Density 9,482/km2 (24,560/sq mi)
Lat Long 24.7955° N, 84.9994° E
Name of Monuments Mahabodhi Temple, Vishnupad Temple, Dungeshwari Cave Temples, Barabar Caves, Bodhi Tree, Chinese Temple And Monastery
Places to Visit Mahabodhi Temple, Vishnupad Temple, Dungeshwari Cave Temples, Barabar Caves, Bodhi Tree, Chinese Temple And Monastery, Bodhgaya Archaeological Museum, Muchalinda Lake, Thai Temple And Monastery, Royal Bhutan Monastery
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91-631
Zip Code Start 823001
Languages Hindi, English, Urdu
Mayor Soni Kumari
Rivers Ganga
Airports Gaya International Airport

Historical facts of Gaya in Hindi

300px-mahabodhitemple

गया, झारखंड और बिहार के फल्गु नदी के तट पर बसा भारत के बिहार राज्य का दूसरा बड़ा शहर है। वाराणसी की तरह गया की प्रसिद्धि मुख्य रुप से एक धार्मिक नगरी के रुप में है। पितृपक्ष के अवसर पर यहाँ हजारों श्रद्धालु पिंडदान के लिये जुटते हैं। गया सड़क, रेल और वायु मार्ग द्वारा पूरे भारत से जुड़ा है। नवनिर्मित गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा  है। गया से 17 किलोमीटर की दूरी पर बोधगया स्थित है जो बौद्ध तीर्थ स्थल है और यहीं बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

गया बिहार के महत्वपूर्ण तीर्थस्थानों में से एक है। यह शहर खासकर हिन्दू तीर्थयात्रियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां का विष्णुपद मंदिर पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। दंतकथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के पांव के निशान पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया है। हिन्दू धर्म में इस मंदिर को अहम स्थान प्राप्त है। गया पितृदान के लिए भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि यहां फल्गु नदी के तट पर पिंडदान करने से मृत व्यक्ति को बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है। लोगो का मानना है कि गयासुर नामक दैत्य का बध करते समय भगवान विष्णु के पद चिह्न यहां पड़े थे जो आज भी विष्णुपद मंदिर में देखने को मिलते हैं।

गया मौर्य काल में एक महत्वपूर्ण नगर था। खुदाई के दौरान सम्राट अशोक से संबंधित आदेश पत्र पाया गया है। मध्यकाल में यह शहर मुगल सम्राटों के अधीन था। मुगलकाल के पतन के उपरांत गया पर अनेक क्षेत्रीय राजाओं ने राज किया। 1787 में होल्कर वंश की साम्राज्ञी महारानी अहिल्याबाई ने विष्णुपद मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था।

गया के दर्शनीय स्थल

विष्णुपद मंदिर-फल्गु नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित यह मंदिर 30 मीटर ऊंचा है जिसमें आठ खंभे हैं। इन खंभों पर चांदी की परतें चढ़ाई हुई है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु के 40 सेंटीमीटर लंबे पांव के निशान हैं। इस मंदिर का 1787 में इंदौर की महारानी अहिल्या बाई ने नवीकरण करवाया था।

जामा मस्जिद– बिहार की सबसे बडी मस्जिद है। यह तकरीबन २०० साल पुरानी है। इसमे हजारो लोग साथ नमाज अदा कर सकते हैं।

बानाबर पहाड़-गया से लगभग २० किलोमीटर उत्तर बेलागंज से १० किलोमीटर पूरब मे स्थित है। इसके ऊपर भगवान शिव का मन्दिर है, जहाँ हर वर्ष हजारों श्रद्धालू सावन के महीने मे जल चढ़ते है। कहते हैं इस मन्दिर को बानासुर ने बनवाया था। पुनः सम्राट अशोक ने मरम्मत करवाया। इसके नीचे सतघरवा की गुफा है, जो प्राचीन स्थापत्य कला का नमूना है।

प्राचीन एबं अद्भुत शिव मंदिर-चोवार गया शहर से 35 किलोमीटर पूर्व में एक गॉव है चोवार जो की अपने आप में एक बहुत ही अद्भुत है इस गॉव में एक बहुत ही प्राचीन शिव मंदिर है जहा सैकड़ो सर्धालू बाबा बालेश्वरनाथ के ऊपर जल चढाते है पर आजतक ये जल कहाँ जाता है कुछ पता नहीं चलता है इसके पीछे के कारन किसी को नहीं पता चला लगभग हजारो सालों से ये चमत्कार की जाँच करने आये सैकड़ो बैज्ञानिको ने भी ये दाबा किया है की ये भगवान शिव का चमत्कार है। और इसी गॉव में कुछ सालों पहले सड़क निर्माण के दौरान यहाँ एक बहुत ही बड़ा घड़ा निकला जिसमे हजारो शुद्ध चाँदी के सिक्के निकले थे! और आज भी इस गॉव से अष्टधातु की अनेको मूर्तियाँ है जो की, आज भी शिव मंदिर में देखने को मिलता है। इस गॉव में एक ताड़ का पेड़ भी है जो इस चोवार गॉव की शोभा बढ़ाता है इसमे खास बात तो ये है की,ये ताड़ का पेड़ एक, दो, नहीं बल्कि पुरे तिन डाल का पेड़ है जो की भगवान शिव की त्रिशूल की आकार का है! दूर-दूर से लोग इस पेड़ को देखने के लिये आते हैं।

कोटेस्वरनाथ-यह अति प्राचीन शिव मन्दिर मोरहर नदी के किनारे मेन गाँव में स्थित है। यहाँ हर वर्ष शिवरात्रि में मेला लगता है। यहाँ पहुँचने हेतु गया से लगभग ३० किमी उत्तर पटना-गया मार्ग पर स्थित मखदुमपुर से पाईबिगहा समसारा होते हुए जाना होता है। गया से पाईबिगहा के लिये सीधी बस सेवा उपलब्ध है।

सूर्य मंदिर-सूर्य मंदिर प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के 20 किलोमीटर उत्तर और रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर दूर स्थित है। भगवान सूर्य को समर्पित यह मंदिर सोन नदी के किनारे स्थित है। दिपावली के छ: दिन बाद बिहार के लोकप्रिय पर्व छठ के अवसर पर यहां तीर्थयात्रियों की जबर्दस्त भीड़ होती है। इस अवसर पर यहां मेला भी लगता है।

ब्रह्मयोनि पर्वत-इस पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने के लिए ४४० सीढ़ियों को पार करना होता है। इसके शिखर पर भगवान शिव का मंदिर है। यह मंदिर विशाल बरगद के पेड़ के नीचे स्थित हैं जहां पिंडदान किया जाता है। इस स्थान का उल्लेख रामायण में भी किया गया है। दंतकथाओं पर विश्‍वास किया जाए तो पहले फल्गु नदी इस पहाड़ी के ऊपर से बहती थी। लेकिन देवी सीता के शाप के प्रभाव से अब यह नदी पहाड़ी के नीचे से बहती है। यह पहाड़ी हिन्दुओं के लिए काफी पवित्र तीर्थस्थानों में से एक है। यह मारनपुर के निकट है।

मंगला गौरी-मंगला गौरी पहाड पर स्तिथ यह मंदिर मां शक्ति को समर्पित है। यह स्थान १८ माहा शक्ति पिथों मैं से एक है। माना जाता है कि जो भी यहां पुजा कराते हैं उन्कि मन कि इच्छा पुरि होति है। इसी मन्दिर के परिवेश मैं मां काली, गणेश, हनुमान तथा भगवान शिव के भी मन्दिर स्तिथ हैं।

बराबर गुफा-यह गुफा गया से 20 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इस गुफा तक पहुंचने के लिए 7 किलोमीटर पैदल और 10 किलोमीटर रिक्शा या तांगा से चलना होता है। यह गुफा बौद्ध धर्म के लिए महत्वपूर्ण है। यह बराबर और नागार्जुनी श्रृंखला के पहाड़ पर स्थित है। इस गुफा का निर्माण बराबर और नागार्जुनी पहाड़ी के बीच सम्राट अशोक और उनके पोते दशरथ के द्वारा की गई है। इस गुफा उल्लेख ई॰एम. फोस्टर की किताब ए पैसेज टू इंडिया में भी किया गया है। इन गुफओं में से 7 गुफाएं भारतीय पुरातत्व विभाग की देखरख में है।

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Gaya News in Hindi

Information and Facts about Patna, India

Information about Patna

Name Patna
Country India
Continent Asia
Come in existance 1825
Previous name any Pataliputra,
Area in KM 99.45 km
Area in miles 38.40 sq mi
Water Area 3,202 km²
Population 1,683,200
Population Density 16,925/km2 (43,840/sq mi)
Lat Long 25.5941° N, 85.1376° E
Name of Monuments Har Mandir Takht, Raj Bhavan, Nalanda University, Patna Museum, Gandhi Museum,
Places to Visit Hanuman Mandir, Nalanda, Takht Sri Patna Sahib, Buddha Smriti Park, Sanjay Gandhi Biological Park, Golghar, Patna Museum, Takhat Shri Harimandirji Patna Sahib, Gandhi Maidan, Eco Park, Pavapuri Jain Temple, P&M Mall, Gandhi Ghat Near Nit Patna, Patan Devi Temple, Shahid Smarak, Srikrishna Science Centre, Jalmandir Temple, Mahatma Gandhi Setu, Patna Planetarium, Kali Mandir-Darbhanga House , ISKCON Temple Patna, Funtasia Island, Maner Sharif, Martyr’s Memorial, Kargil Chowk
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91-612
Zip Code Start 800 XXX
Languages Hindi, English, Magadhi
Mayor Afzal Imam
Rivers Ganges
Airports Lok Nayak Jayaprakash Airport

 

Historical Facts of Patna in Hindi

प्राचीन पटना (पूर्वनाम- पाटलिग्राम या पाटलिपुत्र) सोन और गंगा नदी के संगम पर स्थित था। सोन नदी आज से दो हजार वर्ष पूर्व अगमकुँआ से आगे गंगा मे मिलती थी। पाटलिग्राम मे गुलाब (पाटली का फूल) काफी मात्रा में उपजाया जाता था। गुलाब के फूल से तरह-तरह के इत्र, दवा आदि बनाकर उनका व्यापार किया जाता था इसलिए इसका नाम पाटलिग्राम हो गया। लोककथाओं के अनुसार, राजा पत्रक को पटना का जनक कहा जाता है। उसने अपनी रानी पाटलि के लिये जादू से इस नगर का निर्माण किया। इसी कारण नगर का नाम पाटलिग्राम पड़ा। पाटलिपुत्र नाम भी इसी के कारण पड़ा। संस्कृत में पुत्र का अर्थ बेटा तथा ग्राम का अर्थ गांव होता है।

२५०० वर्षों से अधिक पुराना शहर होने का गौरव दुनिया के बहुत कम नगरों को हासिल है। बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध अपने अन्तिम दिनों में यहाँ से होकर गुजरे थे। उनकी यह भविष्यवाणी थी कि नगर का भविष्य उज्जवल होगा, बाढ़ या आग के कारण नगर को खतरा बना रहेगा। आगे चल कर के महान नन्द शासकों के काल में इसका और भी विकास हुआ एवं उनके बाद आने वाले शासकों यथामौर्य साम्राज्य के उत्कर्ष के बाद पाटलिपुत्र भारतीय उपमहाद्वीप में सत्ता का केन्द्र बन गया। चन्द्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य बंगाल की खाड़ी से अफ़गानिस्तान तक फैल गया था। मौर्य काल के आरंभ में पाटलिपुत्र के अधिकांश राजमहल लकड़ियों से बने थे, पर सम्राट अशोक ने नगर को शिलाओं की संरचना में तब्दील किया। चीन के फाहियान ने, जो कि सन् 399-414 तक भारत यात्रा पर था, अपने
पुस्तक मे इस शहर के विषय मे एवं यहां के लोगों के बारे मे भी विशद विवरण दिया है जो आज भी भारतीय इतिहास के छात्रों के लिए सन्दर्भ के रूप मे काम आता है। शीघ्र ही पाटलीपुत्र ज्ञान का भी एक केन्द्र बन गया। बाद में, ज्ञान की खोज में कई चीनी यात्री यहाँ आए और उन्होने भी यहां के बारे में अपने यात्रा-वृतांतों में बहुत कुछ लिखा है। मौर्यों के पश्चात कण्व एवं शुंगो सहीत अनेक शासक आये लेकिन इस नगर का महत्व कम नही हुआ।

इसके पश्चात नगर पर गुप्त वंश सहित कई राजवंशों का राज रहा। इन राजाओं ने यहीं से भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया। गुप्त वंश के शासनकाल को प्राचीन भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है। पर लगातार होने वाले हुणो के आक्रमण एवं गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद इस नगर को वह गौरव नहीं मिल पाया जो एक समय मौर्य वंश या गुप्त वंश के समय प्राप्त था।

गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद पटना का भविष्य काफी अनिश्चित रहा। 12 वीं सदी में बख़्तियार खिलजी ने बिहार पर अपना अधिपत्य जमा लिया और कई आध्यात्मिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर डाला। इस समय के बाद पटना देश का सांस्कृतिक और राजनैतिक केन्द्र नहीं रहा। मुगलकाल में दिल्ली के सत्ताधारियों ने अपना नियंत्रण यहाँ बनाए रखा। इस काल में सबसे उत्कृष्ठ समय तब आया जब शेरशाह सूरी ने नगर को पुनर्जीवित करने की कोशिश की। उसने गंगा के तीर पर एक किला बनाने की सोची। उसका बनाया कोई दुर्ग तो अभी नहीं है, पर अफ़ग़ान शैली में बना एक मस्जिद अभी भी है।

मुगल बादशाह अकबर की सेना 1574 ईसवी में अफ़गान सरगना दाउद ख़ान को कुचलने पटना आया। अकबर के राज्य सचिव एवं आइने-अकबरी के लेखक अबुल फ़जल ने इस जगह को कागज, पत्थर तथा शीशे का सम्पन्न औद्योगिक केन्द्र के रूप में वर्णित किया है। पटना राइस के नाम से यूरोप में प्रसिद्ध चावल के विभिन्न नस्लों की गुणवत्ता का उल्लेख भी इन विवरणों में मिलता है।

शताब्दी में पटना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का केन्द्र बन गया। अंग्रेज़ों ने 1620 में रेशम तथा कैलिको के व्यापार के लिये यहाँ फैक्ट्री खोली। जल्द ही यह सॉल्ट पीटर (पोटेशियम नाइट्रेट) के व्यापार का केन्द्र बन गया जिसके कारण फ्रेंच और डच लोग से प्रतिस्पर्धा तेज हुई। बक्सर के निर्णायक युद्ध के बाद नगर इस्ट इंडिया कंपनी के अधीन चला गया और वाणिज्य का केन्द्र बना रहा।

पटना के दर्शनीय स्थल

    अगम कुआँ – मौर्य वंश के शासक सम्राट अशोक के काल का एक कुआँ गुलजा़रबाग स्टेशन के पास स्थित है। पास ही स्थित एक मन्दिर स्थानीय लोगों के शादी-विवाह का मह्त्वपूर्ण स्थल है।

    कुम्रहार – चंद्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार तथा अशोक कालीन पाटलिपुत्र के भग्नावशेष को देखने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है। कुम्रहार परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित तथा संचालित है और सोमवार को छोड़ सप्ताह के हर दिन १० बजे से ५ बजे तक खुला रहता है।

    बेगू हज्जाम की मस्जिद सन् 1489 में बंगाल के शासक अलाउद्दीन शाह द्वारा निर्मित.

पत्थर की मस्जिद – जहाँगीर के पुत्र शाह परवेज़ द्वारा 1621 में निर्मित यह छोटी सी मस्जिद अशोक राजपथ पर सुलतानगंज में स्थित है।

    शेरशाह की मस्जिद अफगान शैली में बनी यह मस्जिद बिहार के महान शासक शेरशाह सूरी द्वारा 1540-1545 के बीच बनवाई गयी थी। पटना में बनी यह सबसे बड़ी मस्जिद है।

    पादरी की हवेली – सन 1772 में निर्मित बिहार का प्राचीनतम चर्च बंगाल के नवाब मीर कासिम तथा ब्रिटिस ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच की कड़वाहटों का गवाह है।।

ख़ुदाबख़्श लाईब्रेरी अशोक राजपथ पर स्थित यह राष्ट्रीय पुस्तकालय 1891 में स्थापित हुआ था। यहाँ कुछ अतिदुर्लभ मुगल कालीन पांडुलपियां हैं।

क़िला हाउस (जालान हाउस) दीवान बहादुर राधाकृष्ण जालान द्वारा शेरशाह के किले के अवशेष पर निर्मित इस भवन में हीरे जवाहरात तथा चीनी वस्तुओं का एक निजी संग्रहालय है।

तख्त श्रीहरमंदिर पटना सिखों के दसमें और अंतिम गुरु गोविन्द सिंह की जन्मस्थली है। नवम गुरु श्री तेगबहादुर के पटना में रहने के दौरान गुरु गोविन्दसिंह ने अपने बचपन के कुछ वर्ष पटना सिटी मे बिताए थे। बालक गोविन्दराय के बचपन का पंगुरा (पालना), लोहे के चार तीर, तलवार, पादुका तथा ‘हुकुमनामा’ यहाँ गुरुद्वारे में सुरक्षित है। यह स्थल सिक्खों के लिए अति पवित्र है।

महावीर मन्दिर संकटमोचन रामभक्त हनुमान मन्दिर पटना जंक्शन के ठीक बाहर बना है। न्यू मार्किट में बने मस्जिद के साथ खड़ा यह मन्दिर हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है।

गांधी मैदान वर्तमान शहर के मध्यभाग में स्थित यह विशाल मैदान पटना का दिल है। जनसभाओं, सम्मेलनों तथा राजनीतिक रैलियों के अतिरिक्त यह मैदान पुस्तक मेला तथा दैनिक व्यायाम का भी केन्द्र है। इसके चारों ओर अति महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें और प्रशासनिक तथा मनोरंजन केंद्र बने हैं।

गोलघर 1770 ईस्वी में इस क्षेत्र में आए भयंकर अकाल के बाद अनाज भंडारण के लिए बनाया गया यह गोलाकार ईमारत अपनी खास आकृति के लिए प्रसिद्ध है। 1786 ईस्वी में जॉन गार्स्टिन द्वारा निर्माण के बाद से गोलघ‍र पटना शहर क प्रतीक चिह्न बन गया। दो तरफ बनी सीढियों से ऊपर जाकर पास ही बहनेवाली गंगा और इसके परिवेश का शानदार अवलोकन संभव है।

गाँधी संग्रहालय गोलघर के सामने बनी बाँकीपुर बालिका उच्च विद्यालय के बगल में महात्मा गाँधी की स्मृतियों से जुड़ी चीजों का नायाब संग्रह देखा जा सकता है। हाल में इसी परिसर में नवस्थापित चाणक्य विधि विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र भी अवलोकन योग्य है।

श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र गाँधी मैदान के पश्चिम भाग में बना विज्ञान परिसर स्कूली शिक्षा में लगे बालकों के लिए ज्ञानवर्धक केंद्र है।

पटना संग्रहालय जादूघर के नाम से भी जानेवाले इस म्यूज़ियम में प्राचीन पटना के हिन्दू तथा बौद्ध धर्म की कई निशानियां हैं। लगभग ३० करोड़ वर्ष पुराने पेड़ के तने का फॉसिल यहाँ का विशेष धरोहर है।

संजय गांधी जैविक उद्यान – राज्यपाल के सरकारी निवास राजभवन के पीछे स्थित जैविक उद्यान शहर का फेफड़ा है। विज्ञानप्रेमियों के लिए ‌यह जन्तु तथा वानस्पतिक गवेषणा का केंद्र है। व्यायाम करनेवालों तथा पिकनिक के लिए यह् पसंदीदा स्थल है।

महावीर मंदिर से पटना शहर का दृश्य

दरभंगा हाउस इसे नवलखा भवन भी कहते हैं। इसका निर्माण दरभंगा के महाराज कामेश्वर सिंह ने करवाया था। गंगा के तट पर अवस्थित इस प्रासाद में पटना विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों का कार्यालय है। इसके परिसर में एक काली मन्दिर भी है जहां राजा खुद अर्चना किया करते थे।

Information and Historical Facts about Hyderabad

Information about Hyderabad

Name Hyderabad
Country India
Continent Asia
Come in existance 24-Nov-1949
Previous name any Baghnagar
Area in KM 650 km2
Area in miles 250 sq mi
Water Area 650 km²
Population 6,809,970
Population Density 10,477/km2 (27,140/sq mi)
Lat Long 17.3850° N, 78.4867° E
Name of Monuments Chowmahalla Palace, Charminar, Falaknuma Palace, Golconda Fort, Qutub Shahi Tombs, The Buddha Of Hussain Sagar
Places to Visit Birla Mandir, Ramoji Film City, Salar Jung Museum, Chilkur Balaji Temple, Taj Falaknuma Palace, Golkonda Fort, Shri Jagannath Temple, Chowmahalla Palace, Nehru Zoological Park, Charminar, Buddha Statue, Inorbit Mall, Peddamma Temple, Hyderabad International Convention Center, NTR Garden, Lumbini Park, KBR National Park, Qutab Shahi Tombs, Mecca Masjid, GVK One Mall, Surendrapuri, Sanghi Temple
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 040
Zip Code Start 500089
Languages Telugu, Urdu
Mayor Bonthu Ram Mohan
Rivers Musi River
Airports Rajiv Gandhi International Airport

 

Historical Facts about Hyderabad in Hindi

हैदराबाद का इतिहास सन 1591 से शुरू होता है, जब “कुतुब शाही” राजवंश के एक शासक मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने मूसी नदी के तट पर 1591 में हैदराबाद शहर की स्थापना की, उसी साल, चारमीनार बनवाने का भी आदेश दिया। मुहम्मद कुली कुतुब शाह एक स्थानीय बंजारा लड़की भागमती से प्रेम कर बैठा था, लड़की से शादी के बाद उसने इस शहर का नाम भाग्यनगरम् रखा। 1592 में इस्लाम स्वीकार करने के बाद, भागमती का नाम हैदर महल हुआ।

१६वीम शताब्दी और शुरुआती १७वीं शताब्दी में, जैसे जैसे कुतुब शाही राजवंश की शक्ति और सत्ता बढती गयी, हैदराबाद हीरों के व्यापार का केंन्द्र बनता गया

सन १६८७ में, मुगल शासक ऒरंगजेब ने हैदराबाद पर अधिकार कर लिया। मुगल शासन के दॊरान, हैदराबाद का सॊभाग्य क्षय होने लगा। जल्द ही, मुगल शासक के द्वारा नियुक्त शहर के सूबेदार ने अधिक स्वायत्ता प्राप्त कर ली। और सन १७२४ में असफ़ जाह प्रथम, जिसे मुगल सम्राट ने “निजाम-ए-मुल्क” का खिताब दिया था, ने एक विरोधी अधिकारी को हैदराबाद पर अधिकार स्थापित करने में हरा दिया। इस तरह आसफ़ जाह राजवंश का प्रारंभ हुआ, जिसने हैदराबाद पर भारत की स्वतंत्रता के एक साल बाद (1948) तक शासन किया।

Information and Historical Facts about Ahmadabad, India

Information about Ahmadabad

Name Ahmedabad
Country India
Continent Asia
Come in existance 26 February 1411
Previous name any Karnavati
Area in KM 464.16 km2
Area in miles 179.21 sq mi
Water Area 464 km²
Population 5,577,940
Population Density 12,000/km2 (31,000/sq mi)
Lat Long 89.62
Name of Monuments sabarmati ashram, sun temple modhera, bhadra fort, adalaj stepwell, sarkhej roja, teen darwaza, dada hari vav, dutch tomb, sarkhej roza monument
Places to Visit Kankaria Lake, Chandola Lake, Bhadra Fort, Jhulta Minar, Sarkhej Roza, Ahmed Shah Mosque, Akshardham Temple, Swaminarayan Temple
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 79
Zip Code Start 380,015
Languages Gujrati, Hindi, English
Mayor Gautam Shah (BJP)
Rivers Sabarmati River,
Airports Sardar Vallabhbhai Patel International Airport,

Historical Facts about Ahmadabad

अहमदाबाद का इतिहास 11वी शताब्दी से शुरू होता है, उस समय यह नगर अश्वल या अशापल्ली के नाम से जाना जाता था, सोलंकी वंश के राजा करणदेव प्रथम ने अश्वल के भील राजा को पराजित करके साबरमती नदी के किनारे कर्णवती नाम के नगर की स्थापना की, सोलंकी राजाओं ने यहाँ 13वी शताब्दी तक राज्य किया, इसके बाद जब गुजरात पर जैसे ही वघेल शासकों का शासन हुआ, उसके ठीक बाद गुजरात दिल्ली सल्तनत के अधीन आ गया.

दिल्ली के सुल्तान अधिन जफर खान जो की क्षेत्रीय राज्यपाल था उसने स्वयं की ताजपोशी गुजरात के सुल्तान के नाम से की, उसने मुजफ्फर शाह प्रथम के नाम
से राज्य किया और मुज़फ़्फ़रीड साम्राज्य की स्थापना की, 1411 में या क्षेत्र उसके पोते अहमद शाह के आधीन आ गया और उसी ने कर्णवती के निटक अहमदाबाद की स्थापना की.

Information of Calcutta, India

Name Calcutta
Country India
Continent Asia.
Come in existance 1911
Previous name any Kolkata
Area in KM 185 km2
Area in miles 79.151 sq mi
Earth Area 185 square kilometres.
Water Area 185 km²
Population 4.573 million
Population Density 63,000 per square mile 24,000 per square kilometer
Lat Long 22.5726° N, 88.3639° E
Name of Monuments victoria memorial, marble palace mansion, shaheed minar, metcalfe hall, raja ram mohan roy memorial, belur math, james princep memorial monument, indian national army memorial
Places to Visit Eden Gardens, Dakshineswar Kali Temple, Victoria Memorial Hall, Mother House, Howrah Bridge, Eco Tourism Park, Prinsep Ghat, St. Paul’s Cathedral, Science City, Birla Temple, Kolkata Trams, Nicco Park, Motorcycle Tours (1), Indian Museum , Quest Mall, South City Mall, Shaheed Minar, St. John’s Church
Time Zone UTC+05:30
STD 91-33
Zip Code Start 700 001
Languages Bengali and English
Mayor Sovan Chatterjee
Transportation Taxi, Train, Bus & Airport Tips.
Rivers Hugli River,
Airports Netaji Subhas Chandra Bose International Airport

About Kolkata in English

Calcutta, West Bengal’s state capital and is also an important district, here the first British established Fort William College and then made the entire nation capital, at a time when the whole of India was ruled from Calcutta, since the partition of Bengal in Calcutta importance declined and 1 9 11 been made in the country’s capital from Calcutta to remove, even in Calcutta today is a different matter.

On the banks of the river Hooghly in Calcutta, and at this moment, making the river is still the subject of a Kotuhl, made in Calcutta became the name of the State Secretariat of the Reuters building throughout India is the only British name is the name of a government building .

About Kolkata in Hindi

कलकत्ता पश्चिम बंगाल का एक महत्वपूर्ण जिला और प्रदेश की राजधानी भी है, यहाँ पर सबसे पहले अंग्रेजो ने फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की और फिर इसे ही पुरे देश राजधानी भी बनाया, एक समय था जब पुरे भारत देश का शासन कलकत्ता से चलता था, बंगाल के विभाजन के बाद से कलकत्ता के महत्त्व में कुछ कमी आयी और १९११ में देश की राजधानी दिल्ली बना दी गयी कलकत्ता से हटा कर, फिर भी कलकत्ता का अपना एक अलग महत्त्व आज भी है।

कलकत्ता हुगली नदी के किनारे बसा हुआ है, और इस नदी पर बना पल आज भी एक कोतुहल का विषय है, कलकत्ता में बने बने प्रदेश सचिवालय का नाम रायटर बिल्डिंग है जो की पुरे भारत में एक मात्र ब्रिटिश नाम है किसी सरकारी ईमारत का नाम है।

Where is Mumbai India

Mumbai is located in the western part of Indian state of Maharashtra.  The cities geographical co-ordinates are 18°58’30?N 72°49’33? E. The distance of Mumbai is about 1,150 Km from Delhi, the capital of India.

Where is Mumbai Located in India Map

Facts about Mumbai

Name Mumbai (Bombay)
Country India
Continent Asia
Came in existence 1507
Previous name any Bom Baia (Bombay)
Area of Megacity 603.4 sq km (233 sq mi)
Area of Metro 4,355 sq km (1,681.5 sq mi)
Population (Megacity) 12,478,447 (2011)
Population Density 21,000/sq km (53,000/sq mi) [2011]
Lat Long 18°58’30?N 72°49’33?E
Name of Monuments The Gateway of india, Chhatrapati Shivaji Terminus, Thomas Cathedral, Elephanta Caves, Town Hall, Flora Fountain, Mani Bhavan Museum, Kanheri caves
Places to Visit ISKCON Temple- Mumbai, Marine Drive, Chhatrapati Shivaji Maharaj Vastu Sangrahalaya, Hanging Gardens, Adlabs Aquamagica, Shree Siddhivinayak Temple, Haji Ali Dargah
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD Code +91-22
Zip Code Start 400 001 to 400 107
Languages Marathi, Konkani, Hindi, English
Mayor Vishwanath Mahadeshwar
Transportation Bus, Train, Taxi, Metro
Rivers Dahisar River, Mithi River, Oshiwara River, Poisar River and Ulhas River
Lake(s) Tulsi, Vihar and Powai
Mountains NA
Airport(s) Chhatrapati Shivaji Airport

Amazing Facts about Mumbai

  • Mumbai was called Bombay till 1995.
  • The city was renamed to Mumbai after goddess Mumba, the local incarnation of the Devi.
  • Two oldest but well-known names for this city are Kakamuchee and Galajunkja.
  • Portuguese writer Gaspar Correia used the name Bombaim for this city, so Bombay name came in existence.

Unknown Facts about Mumbai

  • City was known as Mombayn (1525), Bombay (1538), Bombain (1552), Bombaym (1552), Monbaym (1554), Mombaim (1563), Mombaym (1644), Bambaye (1666), Bombaiim (1666), Bombeye (1676), Boon Bay (1690), and Bon Bahia.
  • Ali Muhammad Khan, imperial diwan cum revenue minister of the Gujarat province, in his book Mirat-i-Ahmedi (1762) referred this city as Manbai.
  • The residents of Mumbai are called mumbaikar in the Marathi language.
  • Mumbai city is built on what was once an archipelago of seven seperate islands namely Bombay Island, Parel, Mazagaon, Mahim, Colaba, Worli, and Old Woman’s Island.

Where is Delhi

Delhi is located in the National Capital Region of India at the elevation of 250 meter from sea level with coordinates or lat long 28°36′36″N 77°13′48″E, nearest airport i.e IGI Airport South-West of the city center in a distance is 14.2 k/m, Delhi shared its border with Noida Uttar Pradesh in South-East side, Ghaziabad in East side, Sonipat Haryana in North Side, Rohtak in North-West side, Bahadurgarh in West side, Gurgaon Faridabad in South side.

Where is Delhi located in India

Know where is Delhi located in India on Google Map

Information about Delhi City

Name Delhi
Country India
Continent Asia
Come in existence 1638
Previous name any Delhi
Area in KM 1484 MK2
Area in miles 573 miles2
Population 26314838
Population Density 11,297.01/km2
Lat Long 28°36′36″N 77°13′48″E
Name of Monuments Qutub Minar, Humayun Thomb,Zantar Mantar
Places to Visit Lal qila, Connaught Place, Swaminarayan Akshardham
Time Zone IST(UTC+5.30)
STD Code 91-11
Zip Code Start 110032
Languages Hindi, English, Urdu, Punjabi
Mayor Shelly Oberoi
Transportation Bus, Train, Taxi, Metro, Airplane
Rivers Yamuna
Lakes Surajkund Lake, Old Fort, India Gate Lake, Delhi Zoological Park, Jantar Mantar, Parliament House
Mountains Rashtrapati Bhavan, Parliament House, India Gate (Know Facts about India Gate in Hindi)
Airports Indira Gandhi International Airport