मेवात, हरियाणा

मेवात के बारे मे जानकारी

मेवात भारत का एक ऐतिहासिक व पारंपरिक क्षेत्र है। इसकी सीमा में हरियाणा का मेवात जिला, राजस्थान के अलवर, भरतपुर व धौलपुर जिले तथा साथ लगते उत्तर प्रदेश के क्षेत्र आते हैं मेवात के स्थानीय निवासी ‘मेव’ कहलाते हैं। जिस क्षेत्र में मेव लोग रहते हैं उसे ही मेवात कहा जाता है। मेवात जिला हरियाणा का एक जिला भी है जिसका मुख्यालय नूँह में स्थित है। इस जिले का क्षेत्रफल १९१२ वर्ग किमी है तथा जनसंख्या २०११ की जनगणना के अनुसार 1089406 है।

मेवात का नक्शा

मेवात का नक्शा गूगल मैप पर

मेवात शहर दर्शनीय स्थल

  • फोर्ट कोटला
  • इनडोर फोर्ट
  • शाकिंग मिनारेट्स
  • नल्लड़
  • छुई मई पोंड

महेन्द्रगढ़, हरियाणा

महेन्द्रगढ़ के बारे मे जानकारी

महेंद्रगढ़, हरियाणा का एक समृद्ध शहर है, यह समुद्रतल से २६२ मीटर यानि की ८६० फिट ऊंचाई पर है, इसका कॉऑर्डिनेट्स २८ डिग्री २८ मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री १५ मिनट पूर्व तक है, महेंद्रगढ़ गुडगाँव के काफी पास है और यहाँ की जनसंख्या मात्र ३० हजार है, यहाँ पर वाहनों के रजिस्ट्रेशन का क्रमांक ‘हरियाणा ३४’ से शुरू होता है और पोस्टल कोड १२३०२९ है।

महेन्द्रगढ़ हरियाणा में स्थित है यह महेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय है। पहले यहां पर पृथ्वीराज चौहान के वंशज अंगपाल का साम्राज्य था। बाद में इस पर मराठों, झज्जार के नवाबों और ब्रिटिश शासकों ने भी शासन किया। महेन्द्रगढ़ की स्थापना १९४८ ई. में की गई थी। नारनौल, दादरी और महेन्द्रगढ़ इसके प्रमुख शहर हैं। इसके उत्तर में भिवानी व रोहतक, पूर्व में रेवाड़ी व अल्वर, दक्षिण में सीकर व जयपुर और पश्चिम में सीकर व झंझनू स्थित है। पिछले दिनों महेन्द्रगढ़ की दादरी तहसील को भिवानी में और गुड़गांव के भिवानी को महेन्द्रगढ़ में जोड़ा गया है। यहां के निवासी बडे हंसमुख और मिलनसार हैं। वह अपने यहां आने वाले यात्री का स्वागत बड़ी गर्मजोशी से करते हैं। पर्यटकों को यहां कहीं भी बोरियत या नीरसता का सामना नहीं करना पड़ता।

महेन्द्रगढ़ का नक्शा

महेन्द्रगढ़ का नक्शा गूगल मैप पर

महेन्द्रगढ़ शहर दर्शनीय स्थल

महेन्द्रगढ़ अपने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। जल महल, चोर गुम्ब, बीरबल का छाता, शाह विलायत का मकबरा, इब्राहिम खान का मकबरा, नसीबपुर, शाह कुली खान का मकबरा, चामुण्डा देवी मन्दिर

कुरुक्षेत्र, हरियाणा

कुरुक्षेत्र के बारे में जानकारी

कुरुक्षेत्र हरियाणा का एक बहुत ही ऐतिहासिक नगर है, यह २९ डिग्री ९६५७१७ मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ८३७००६ मिनट पूर्वी कॉऑर्डिनेट्स पर बसा हुआ है, इस नगर का सम्पूर्ण क्षेत्रफल १५३० वर्ग किलोमीटर यानि की ५९० वर्ग माइल्स है, यहाँ की जनसंख्या २०११ की जंगड़ना के अनुसार 964655 है, और जनसँख्या घनत्व ६४० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, यहाँ की प्रमुख क्षेत्रीय भाषा हरिणावी है वैसे पंजाबी और हिंदी भाषा काफी प्रचलन में है, पिनकोड १३६११८, एसटीडी कॉड ०७४४ है, वहां रजिस्ट्रेशन “हरियाणा ०७” से शुरू होता है।

कुरुक्षेत्र हरियाणा राज्य का एक प्रमुख जिला और उसका मुख्यालय है। यह हरियाणा के उत्तर में स्थित है तथा अम्बाला, यमुना नगर, करनाल और कैथल से घिरा हुआ है  इसका शहरी इलाका एक अन्य एटिहासिक स्थल थानेसर से मिला हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण हिन्दू तीर्थस्थल है। लोगो का कहना है कि यहीं महाभारत की लड़ाई हुई थी और भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश यहीं ज्योतिसर नामक स्थान पर दिया था। कहा जाता है कि यहाँ स्थित विशाल तालाब का निर्माण महाकाव्य महाभारत में वर्णित कौरवों और पांडवों के पूर्वज राजा कुरु ने करवाया था। कुरुक्षेत्र नाम ‘कुरु के क्षेत्र’ का प्रतीक है।

कुरुक्षेत्र का नक्शा

कुरुक्षेत्र का नक्शा गूगल मैप पर

कुरुक्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थान एवम पर्यटन स्थल

ब्रह्मसरोवर

सन्निहित सरोवर

भद्रकाली मन्दिर

ज्योतिसर

पिहोवा

श्री स्थानेश्वर महादेव मन्दिर

 

कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर श्री स्थानेश्वर महादेव मन्दिर स्थित है। लोक मन्यता है कि महाभारत के युद्ध से पूर्व भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन समेत यहा भगवान शिव की उपासना कर अशिर्वाद प्राप्त किया था। इस तीर्थ की विशेषता यह भी है कि यहा मन्दिर व गुरुद्वरा एक हि दिवार से लगते है। यहा पर हजारो देशी विदेशी यात्री दर्शन हेतु आते हैं।

 

Where is Karnal in Haryana

कर्नल हरियाणा का एक जिला है और एक महत्वपूर्ण शहर भी है, यह चंडीगढ़ से मात्र १२६ किलोमीटर दूर है और यमुना नदी के किनारे पर स्थित है, यहाँ के विधायक श्री मनोहर लाल खट्टर ही इस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री है, इसके कॉऑर्डिनेट्स २९ डिग्री ६९ मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ९८ मिनट पूर्व तक है, २०११ की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसँख्या २ लाख ८६ हजार ८ सौ २७ है, पिन कॉड १३२००१, वाहन रजिस्ट्रेशन क्रमांक ‘हरियाणा ०५’ से शुरू होता है, यहाँ की साक्षरता ७५.०५% है एयर यहाँ पर महिलाओ की संख्या पुरुषो से ज्यादा है।

करनाल का इतिहास

करनाल यमुना नदी के किनारे स्थित है। घरौंड़ा, नीलोखेड़ी, असन्ध, इन्द्री और तरावड़ी इसके मुख्य दर्शनीय स्‍थल हैं। करनाल में अनेक फैक्ट्रियां हैं। जिसमे  में वनस्पति तेल, इत्र और शराब तैयार की जाती है। इसके अलावा यह अपने अनाज, कपास और नमक के बाजार के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर प्रमुख धान की खेती की जाती है। और इसका निर्यात विदेशों में किया जाता है। यात्री यहां पर अनेक पर्यटक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। इनमें कलन्दर शाह गुम्बद, छावनी चर्च और सीता माई मन्दिर आदि प्रमुख हैं। करनाल शहर को महाभारत के राजा कर्ण ने बसाया था। करनाल पर नादिरशाह ने मुग़ल बादशाह मुहम्मदशाह को हराया था। 1805 ई. में अंग्रेज़ों ने इस पर अपना अधिकार कर लिया।

करनाल का नक्शा

करनाल शहर दर्शनीय स्थल

-कलन्दर शाह गुम्बद, छावनी चर्च, कर्ण जलाशय, सीता माई मन्दिर, कंजपुरा, तरावड़ी, बास्थली,

झज्जर, हरियाणा

झज्जर का इतिहास एवम झज्जर की अन्य जानकारियां

झज्‍जर की स्थापना छज्जु नाम के एक जाट ने की थी। पहले इसका नाम ‘छज्जु नगर’ था लेकिन बाद में यह झज्जर हो गया। हरियाणा में स्थित झज्जर बहुत सुन्दर पर्यटन स्‍थल है। यह दिल्ली से लगभग 65 किमी. की दूरी पर स्थित है।

हरियाण के दो मुख्य शहर बहादुरगढ़ और बेरी है। बहादुरगढ़ की स्थापना राठी जाटों ने की थी। पहले बहादुरगढ़ को सर्राफाबाद के नाम से जाना जाता था। पिछले दिनों बहादुरगढ़ का तेजी से औद्योगिकरण हुआ है। बेरी इसका दूसरा मुख्य शहर है। यहां भीमेश्वरी देवी का प्रसिद्ध मन्दिर है। इस मन्दिर में पूजा करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। मन्दिरों के अलावा पर्यटक यहां पर भिंडावास पक्षी अभ्यारण घूमने भी जा सकते हैं।

झज्जर हरियाणा का एक जिला है और एक महत्वपूर्ण शहर भी है, यह 15 जुलाई १९९७ को रोहतक जिले से कुछ तहसीलो और उपमंडलों को निकल क्र बना है, इसके कॉऑर्डिनेट्स २८ डिग्री ६2 मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ६५ मिनट पूर्व तक है, इस शहर की समुद्र तल से ऊंचाई २२० मीटर है, २०११ की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसँख्या ३९ हजार ८ सौ २७ है

झज्जर का नक्शा

झज्जर का नक्शा गूगल मैप पर

 

झज्जर शहर दर्शनीय स्थल

  • भिंडावास पक्षी अभ्यारण
  • भीमेश्वरी देवी मन्दिर
  • बुआ का गुम्बद
  • झज्जर स्थित १०१ फुट ऊँची शिव की मूर्ति

फ़रीदाबाद, हरियाणा

फ़रीदाबाद  के बारे मे जानकारी

फरीदाबाद के कोऑर्डिनेट्स २8 डिग्री ४२११ मिनट उत्तर से ७७ डिग्री ३०७८ मिनट पूर्व तक है, इसका क्षेत्रफल ७४२.९ वर्ग किलोमीटर है, यानि की २८६.८ वर्ग माइल्स, समुद्र तल से ऊंचाई १९८ मीटर या ६५० फिट, २०११ की जनगणना के अनुसार १४ लाख, ४ हजार ६ सौ ५३ है और जनसँख्या घनत्व २४२१ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, फरीदाबाद की आधिकारिक भाषा हिंदी, हरियानवी और पंजाबी है, एसटीडी कॉड और पिन कॉड क्रमश ०१२९ और १२१००१ है, वहां रजिस्ट्रेशन के लिए ‘हरियाणां ५१’ ‘हरियाणा २९’ और व्यवसायिक वाहनों के लिए ‘हरियाणा ३८’ है।

फ़रीदाबाद का इतिहास

फ़रीदाबाद भारत के  हरियाणा प्रदेश का प्रमुख शहर है। यह फ़रीदाबाद जिले में आता है। इसे 1607 में शेख फरीद, जहांगीर के खजांची ने बनवाया था। उनका मकसद यहां से गुजरने वाले राजमार्ग की रक्षा करना था। यह दिल्ली से 25 किलोमीटर दक्षिण मे स्थित है। 15 अगस्त 1979 में यह हरियाणा का 12वां जिला बना। आज फ़रीदाबाद अपने उद्यॉगों के लिए प्रसिद्ध है।  उन्होंने यहां किले और मस्जिद का निर्माण भी कराया था। समय के साथ यहां की आबादी बढ़ती गई और इसका विकास होता गया।  हरियाणा की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा फरीदाबाद से ही आता है।

फ़रीदाबाद  का नक्शा

गूगल मैप की सहायता से बना फरीदाबाद का नक्शा

फरीदाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • बधकल झील
  • सूरजकुंड टूरिस्ट परिसर
  • शिर्डी साई बाबा मंदिर
  • इस्कॉन मंदिर
  • सूरजकुंड झील
  • राजा नाहर सिटी पैलेस
  • धौज झील आदि

भिवानी, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

भिवानी के बारे मे जानकारी

भिवानी जिले का नाम इसके मुख्यालय के नाम से लिया गया है। इस सम्बन्ध में ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य यह है कि ये नगर राजपूत राजा नीम ने अपनी रानी भानी के नाम पर बसाया था। कालांतर में इसका नाम स्थानीय बोली के अनुरूप बिगड़ कर भ्याणी और बाद में भिवानी पड़ गया। परन्तु कुछ लोगों का मानना है की यहाँ हिन्दू धर्म की देवी माता भवानी ने अपने चरण रखे थे और उससे इसका नाम बिगड़ कर भिवानी पड़ा। मुग़ल काल में यह एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक नगर था और आज भी हरियाणा और राजस्थान के बीच उद्योग का केंद्र है।

भिवानी, हरियाणा प्रदेश (भारत) का एक प्रमुख शहर तथा भिवानी जिले का प्रमुखालय है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह हरियाणा का सबसे बड़ा जिला है। यह प्रदेश अपने ऐतिहासिक तथा धार्मिक दृष्टव्य स्थलों के लिए प्रसिद्द है।

 

भिवानी का नक्शा


भिवानी शहर का नक्शा गूगल मैप

भिवानी के दर्शनीय स्थल-

भिवानी को मंदिरों का नगर और भारत की छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ मंदिरों की अधिकता बहुत ज्यादा है। इनमें से शहर के बीचो-बीच स्थापित घंटाघर का मंदिर और नज़दीक के गाँव देवसर का मंदिर बहुत प्रसिद्द हैं।

देवसर धाम

गौरी शंकर मंदिर

लाहरु किला

अम्बाला, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अम्बाला के बारे मे जानकारी

अम्बाला शहर भारत के हरियाणा राज्य का एक मुख्य एवं ऐतिहासिक शहर है। यह भारत की राजधानी दिल्ली से दो सौ किलो मीटर उत्तर की ओर शेरशाह सूरी मार्ग  पर स्थित है। अम्बाला नाम की उत्पत्ति शायद महाभारत की अम्बालिका के नाम से हुई होगी। अम्‍बाला को विज्ञान नगरी कह कर भी पुकारा जाता है कयोंकि यहां वैज्ञानिक उपकरण उद्योग केंद्रित है। भारत के वैज्ञानिक उपकरणों का लगभग चालीस प्रतिशत उत्‍पादन अम्‍बाला में ही होता है। एक अन्‍य मत यह भी है कि यहां पर आमों के बाग बगीचे बहुत थे, जिससे इस का नाम अम्‍बाला पड़ गया।

अंबाला छावनी एक प्रमुख रेलवे जंकशन है। अंबाला जिला हरियाणा एंव पंजाब भारत के राज्यों की सीमा पर स्थित है। अंबाला छावनी देश का प्रमुख सैन्य आगार है

अम्बाला का नक्शा

अम्बाला का नक्शा गूगल मैप

अम्बाला शहर दर्शनीय स्थल

हनुमान मंदिर, पटेल पार्क, टीले वाला मंदिर, सीसगंज गुरुद्वारा, बादशाही बाग गुरुद्वारा, गुरुद्वारा मंजी साहिब, होली रीडिमर चर्च, रानी का तालाब, अंबिका देवी मंदिर, जैन मंदिर आदि

 

जयपुर, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

जयपुर के बारे मे जानकारी

यह शहर प्रारंभ से ही ‘गुलाबी’ नगर नहीं था बल्कि अन्य सामान्य नगरों की ही तरह था, लेकिन 1876 में जब वेल्स के राजकुमार आए तो महाराजा रामसिंह के आदेश से पूरे शहर को गुलाबी रंग से जादुई आकर्षण प्रदान करने की कोशिश की गई थी। उसी के बाद से यह शहर ‘गुलाबी नगरी’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। जब मुगल अपनी ताकत खोने लगे, तो समूचे भारत में अराजकता सिर उठाने लगी, ऐसे दौर में राजपूताना की आमेर रियासत, एक बडी ताकत के रूप में उभरी.जाहिर है कि महाराजा सवाई जयसिंह को तब मीलों के दायरे में फ़ैली अपनी रियासत संभालने और सुचारु राजकाज संचालन के लिये आमेर छोटा लगने लगा और इस तरह से इस नई राजधानी के रूप में जयपुर की कल्पना की गई | इस शहर की नींव पहले पहल कहां रखी गई, इसके बारे मे मतभेद हैं, किंतु कुछ इतिहासकारों के अनुसार तालकटोरा के निकट स्थित शिकार की होदी से इस शहर के निर्माण की शुरुआत हुई। कुछ इसे ब्रह्मपुरी और कुछ आमेर के पास एक स्थान ‘यज्ञयूप’ स्थल से मानते हैं| पर ये निर्विवाद है संबसे पहले चन्द्रमहल बना और फिर बाज़ार और साथ में तीन चौपड़ें | यह देश का पहला पूरी योजना से बनाया गया शहर था और स्थापना के समय राजा जयसिंह ने अपनी राजधानी आमेर में बढ़ती आबादी और पानी की समस्या को ध्यान में रखकर ही इसका विकास किया था। नगर के निर्माण का काम १७२७ में शुरू हुआ और प्रमुख स्थानों के बनने में करीब चार साल लगे। यह शहर नौ खंडों में विभाजित किया गया था, जिसमें दो खंडों में राजकीय इमारतें और राजमहलों को बसाया गया था। प्राचीन भारतीय शिल्पशास्त्र के आधार पर निर्मित इस नगर के प्रमुख वास्तुविद थे एक बंगाली ब्राह्मण विद्याधर , जो आमेर दरबार की ‘कचहरी-मुस्तफी’ में आरम्भ में महज़ एक नायब-दरोगा थे, पर उनकी वास्तुकला में गहरी दिलचस्पी और असाधारण योग्यता से प्रभावित हो कर महाराजा ने उन्हें नयी राजधानी के लिए नए नगर की योजना बनाने का निर्देश दिया।

सुंदर भवनों के आकर्षक – जयपुर में जलमहल, जंतर-मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल और आमेर का किला राजपूतों के वास्तुशिल्प के बेजोड़ नमूने हैं।

जयपुर का नक्शा

दर्शनीय स्थल

शहर में बहुत से पर्यटन आकर्षण हैं, जैसे जंतर मंतर, जयपुर, हवा महल, सिटी पैलेस, गोविंद देवजी का मंदिर, श्री लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर, बी एम बिड़ला तारामण्डल, आमेर का किला, जयगढ़ दुर्ग आदि। जानिए इतिहास और अन्य जानकारियाँ माधोगढ़ के किले के बारे में

गुड़गाँव, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

गुड़गाँव के बारे मे जानकारी

गुड़गाँव की स्थापना 15 अगस्त 1979 ई. को की गई थी। महाभारत काल में राजा युधिष्ठिर ने गुड़गाँव को अपने धर्मगुरु द्रोणाचार्य को उपहार स्वरूप दिया था और आज भी उनके नाम पर एक तालाब के भग्नावशेष तथा एक मंदिर प्रतीक के तौर पर विद्यमान हैं। इस कारण इसका नाम गुरुगाँव पड़ा था। बाद में समय के साथ इसका नाम गुड़गाँव हो गया। गुड़गाँव, भारतीय राज्य हरियाणा का छठा सबसे बड़ा शहर है। यह हरियाणा के ४ प्रमण्डलों में से भी एक है। गुडगाँव हरियाणा का ओद्योगिक और वितीय केंद्र है। गुड़गाँव दिल्ली के चार प्रमुख उपग्रह शहरो में से एक है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा है। गुड़गाँव दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली मेट्रो के माध्यम से सीमा साँझा करता है। हरियाणा की की नयी बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता की बाउट समय से मांग को ध्यान में रखते हुए गुडगाँव का नाम गुरुग्राम कर दिया।

 

गुडगाँव का नक्शा


गुड़गांव का गूगल मैप

गुड़गाँव का इतिहास

इतिहास में गुडगाँव पर हमेशा से दिल्ली पर राज करने वाले राजाओ का ही अधिकार रहा है जेसे की राजपूत, यदुवंशी, मुग़ल, मराठा आदि। यह दिल्ली के चार प्रमुख उपनगरों मे से एक है इसलिए इसे भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा माना जाता है। गुड़गाँव को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक सबसे अभिजात्य क्षेत्र भी एक माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में शहर का अत्यधिक विकास हुआ है तथा देश के भीतर एक आउटसोर्सिंग गंतव्य के रूप में विकसित होने के अतिरिक्ति इस क्षेत्र ने एक अचल संपत्ति मे आया एक अभूतपूर्व उछाल देखा है।

गुड़गांव पर पहले हिन्दू राजाओ का राज्य था, सबसे पहले यादववंशी राजपूतो का राज्य था, परन्तु ११९६ में ये लोग मुहम्मद घोर से हर गए , इसके बाद फिरोज शाह तुगलक का राज हुआ जिसके काल में काफी लोगो को इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया।

फिर यहाँ पर तैमूर का हमला हुआ, फिर बाबर ने भी यहाँ पर शासन किया, जब अकबर ने अपनी राजधानी दिल्ली के बजाये आगरा की तब इसका शासन मुघलो के हाथो से निकल गया, और १८०३ में अंग्रेजो के अधीन आ गया एक संधि के अनुसार जो की सुरजी अर्जुनगाँव में सिंधीयो के साथ हुयी थी, १९६६ में यह हरियाणा में शामिल किया गया।

गुड़गाँव शहर दर्शनीय स्थल-

कुतुब खान का मकबरा, वाटर पार्क, फन एण्ड फूड, दमदमा झील, सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान पक्षी अभयारण्य, उरुस्वती लोक कथाओं का संग्रहालय शीतला माता मंदिर, किंगडम ऑफ़ ड्रीम, ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, इसके बाद पुरे परिवार के घूमने के लिए अपनों घर अम्यूसमेंट पार्क है, फारुख नगर किला, iSkate ये एम्बिएंस माल में है इसका उद्घाटन २०११ में हुआ था