झज्जर, हरियाणा

झज्जर का इतिहास एवम झज्जर की अन्य जानकारियां

झज्‍जर की स्थापना छज्जु नाम के एक जाट ने की थी। पहले इसका नाम ‘छज्जु नगर’ था लेकिन बाद में यह झज्जर हो गया। हरियाणा में स्थित झज्जर बहुत सुन्दर पर्यटन स्‍थल है। यह दिल्ली से लगभग 65 किमी. की दूरी पर स्थित है।

हरियाण के दो मुख्य शहर बहादुरगढ़ और बेरी है। बहादुरगढ़ की स्थापना राठी जाटों ने की थी। पहले बहादुरगढ़ को सर्राफाबाद के नाम से जाना जाता था। पिछले दिनों बहादुरगढ़ का तेजी से औद्योगिकरण हुआ है। बेरी इसका दूसरा मुख्य शहर है। यहां भीमेश्वरी देवी का प्रसिद्ध मन्दिर है। इस मन्दिर में पूजा करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। मन्दिरों के अलावा पर्यटक यहां पर भिंडावास पक्षी अभ्यारण घूमने भी जा सकते हैं।

झज्जर हरियाणा का एक जिला है और एक महत्वपूर्ण शहर भी है, यह 15 जुलाई १९९७ को रोहतक जिले से कुछ तहसीलो और उपमंडलों को निकल क्र बना है, इसके कॉऑर्डिनेट्स २८ डिग्री ६2 मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ६५ मिनट पूर्व तक है, इस शहर की समुद्र तल से ऊंचाई २२० मीटर है, २०११ की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसँख्या ३९ हजार ८ सौ २७ है

झज्जर का नक्शा

झज्जर का नक्शा गूगल मैप पर

 

झज्जर शहर दर्शनीय स्थल

  • भिंडावास पक्षी अभ्यारण
  • भीमेश्वरी देवी मन्दिर
  • बुआ का गुम्बद
  • झज्जर स्थित १०१ फुट ऊँची शिव की मूर्ति

फ़रीदाबाद, हरियाणा

फ़रीदाबाद  के बारे मे जानकारी

फरीदाबाद के कोऑर्डिनेट्स २8 डिग्री ४२११ मिनट उत्तर से ७७ डिग्री ३०७८ मिनट पूर्व तक है, इसका क्षेत्रफल ७४२.९ वर्ग किलोमीटर है, यानि की २८६.८ वर्ग माइल्स, समुद्र तल से ऊंचाई १९८ मीटर या ६५० फिट, २०११ की जनगणना के अनुसार १४ लाख, ४ हजार ६ सौ ५३ है और जनसँख्या घनत्व २४२१ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, फरीदाबाद की आधिकारिक भाषा हिंदी, हरियानवी और पंजाबी है, एसटीडी कॉड और पिन कॉड क्रमश ०१२९ और १२१००१ है, वहां रजिस्ट्रेशन के लिए ‘हरियाणां ५१’ ‘हरियाणा २९’ और व्यवसायिक वाहनों के लिए ‘हरियाणा ३८’ है।

फ़रीदाबाद का इतिहास

फ़रीदाबाद भारत के  हरियाणा प्रदेश का प्रमुख शहर है। यह फ़रीदाबाद जिले में आता है। इसे 1607 में शेख फरीद, जहांगीर के खजांची ने बनवाया था। उनका मकसद यहां से गुजरने वाले राजमार्ग की रक्षा करना था। यह दिल्ली से 25 किलोमीटर दक्षिण मे स्थित है। 15 अगस्त 1979 में यह हरियाणा का 12वां जिला बना। आज फ़रीदाबाद अपने उद्यॉगों के लिए प्रसिद्ध है।  उन्होंने यहां किले और मस्जिद का निर्माण भी कराया था। समय के साथ यहां की आबादी बढ़ती गई और इसका विकास होता गया।  हरियाणा की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा फरीदाबाद से ही आता है।

फ़रीदाबाद  का नक्शा

गूगल मैप की सहायता से बना फरीदाबाद का नक्शा

फरीदाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थल

  • बधकल झील
  • सूरजकुंड टूरिस्ट परिसर
  • शिर्डी साई बाबा मंदिर
  • इस्कॉन मंदिर
  • सूरजकुंड झील
  • राजा नाहर सिटी पैलेस
  • धौज झील आदि

भिवानी, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

भिवानी के बारे मे जानकारी

भिवानी जिले का नाम इसके मुख्यालय के नाम से लिया गया है। इस सम्बन्ध में ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य यह है कि ये नगर राजपूत राजा नीम ने अपनी रानी भानी के नाम पर बसाया था। कालांतर में इसका नाम स्थानीय बोली के अनुरूप बिगड़ कर भ्याणी और बाद में भिवानी पड़ गया। परन्तु कुछ लोगों का मानना है की यहाँ हिन्दू धर्म की देवी माता भवानी ने अपने चरण रखे थे और उससे इसका नाम बिगड़ कर भिवानी पड़ा। मुग़ल काल में यह एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक नगर था और आज भी हरियाणा और राजस्थान के बीच उद्योग का केंद्र है।

भिवानी, हरियाणा प्रदेश (भारत) का एक प्रमुख शहर तथा भिवानी जिले का प्रमुखालय है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह हरियाणा का सबसे बड़ा जिला है। यह प्रदेश अपने ऐतिहासिक तथा धार्मिक दृष्टव्य स्थलों के लिए प्रसिद्द है।

 

भिवानी का नक्शा


भिवानी शहर का नक्शा गूगल मैप

भिवानी के दर्शनीय स्थल-

भिवानी को मंदिरों का नगर और भारत की छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ मंदिरों की अधिकता बहुत ज्यादा है। इनमें से शहर के बीचो-बीच स्थापित घंटाघर का मंदिर और नज़दीक के गाँव देवसर का मंदिर बहुत प्रसिद्द हैं।

देवसर धाम

गौरी शंकर मंदिर

लाहरु किला

अम्बाला, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अम्बाला के बारे मे जानकारी

अम्बाला शहर भारत के हरियाणा राज्य का एक मुख्य एवं ऐतिहासिक शहर है। यह भारत की राजधानी दिल्ली से दो सौ किलो मीटर उत्तर की ओर शेरशाह सूरी मार्ग  पर स्थित है। अम्बाला नाम की उत्पत्ति शायद महाभारत की अम्बालिका के नाम से हुई होगी। अम्‍बाला को विज्ञान नगरी कह कर भी पुकारा जाता है कयोंकि यहां वैज्ञानिक उपकरण उद्योग केंद्रित है। भारत के वैज्ञानिक उपकरणों का लगभग चालीस प्रतिशत उत्‍पादन अम्‍बाला में ही होता है। एक अन्‍य मत यह भी है कि यहां पर आमों के बाग बगीचे बहुत थे, जिससे इस का नाम अम्‍बाला पड़ गया।

अंबाला छावनी एक प्रमुख रेलवे जंकशन है। अंबाला जिला हरियाणा एंव पंजाब भारत के राज्यों की सीमा पर स्थित है। अंबाला छावनी देश का प्रमुख सैन्य आगार है

अम्बाला का नक्शा

अम्बाला का नक्शा गूगल मैप

अम्बाला शहर दर्शनीय स्थल

हनुमान मंदिर, पटेल पार्क, टीले वाला मंदिर, सीसगंज गुरुद्वारा, बादशाही बाग गुरुद्वारा, गुरुद्वारा मंजी साहिब, होली रीडिमर चर्च, रानी का तालाब, अंबिका देवी मंदिर, जैन मंदिर आदि

 

जयपुर, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

जयपुर के बारे मे जानकारी

यह शहर प्रारंभ से ही ‘गुलाबी’ नगर नहीं था बल्कि अन्य सामान्य नगरों की ही तरह था, लेकिन 1876 में जब वेल्स के राजकुमार आए तो महाराजा रामसिंह के आदेश से पूरे शहर को गुलाबी रंग से जादुई आकर्षण प्रदान करने की कोशिश की गई थी। उसी के बाद से यह शहर ‘गुलाबी नगरी’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। जब मुगल अपनी ताकत खोने लगे, तो समूचे भारत में अराजकता सिर उठाने लगी, ऐसे दौर में राजपूताना की आमेर रियासत, एक बडी ताकत के रूप में उभरी.जाहिर है कि महाराजा सवाई जयसिंह को तब मीलों के दायरे में फ़ैली अपनी रियासत संभालने और सुचारु राजकाज संचालन के लिये आमेर छोटा लगने लगा और इस तरह से इस नई राजधानी के रूप में जयपुर की कल्पना की गई | इस शहर की नींव पहले पहल कहां रखी गई, इसके बारे मे मतभेद हैं, किंतु कुछ इतिहासकारों के अनुसार तालकटोरा के निकट स्थित शिकार की होदी से इस शहर के निर्माण की शुरुआत हुई। कुछ इसे ब्रह्मपुरी और कुछ आमेर के पास एक स्थान ‘यज्ञयूप’ स्थल से मानते हैं| पर ये निर्विवाद है संबसे पहले चन्द्रमहल बना और फिर बाज़ार और साथ में तीन चौपड़ें | यह देश का पहला पूरी योजना से बनाया गया शहर था और स्थापना के समय राजा जयसिंह ने अपनी राजधानी आमेर में बढ़ती आबादी और पानी की समस्या को ध्यान में रखकर ही इसका विकास किया था। नगर के निर्माण का काम १७२७ में शुरू हुआ और प्रमुख स्थानों के बनने में करीब चार साल लगे। यह शहर नौ खंडों में विभाजित किया गया था, जिसमें दो खंडों में राजकीय इमारतें और राजमहलों को बसाया गया था। प्राचीन भारतीय शिल्पशास्त्र के आधार पर निर्मित इस नगर के प्रमुख वास्तुविद थे एक बंगाली ब्राह्मण विद्याधर , जो आमेर दरबार की ‘कचहरी-मुस्तफी’ में आरम्भ में महज़ एक नायब-दरोगा थे, पर उनकी वास्तुकला में गहरी दिलचस्पी और असाधारण योग्यता से प्रभावित हो कर महाराजा ने उन्हें नयी राजधानी के लिए नए नगर की योजना बनाने का निर्देश दिया।

सुंदर भवनों के आकर्षक – जयपुर में जलमहल, जंतर-मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल और आमेर का किला राजपूतों के वास्तुशिल्प के बेजोड़ नमूने हैं।

जयपुर का नक्शा

दर्शनीय स्थल

शहर में बहुत से पर्यटन आकर्षण हैं, जैसे जंतर मंतर, जयपुर, हवा महल, सिटी पैलेस, गोविंद देवजी का मंदिर, श्री लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर, बी एम बिड़ला तारामण्डल, आमेर का किला, जयगढ़ दुर्ग आदि। जानिए इतिहास और अन्य जानकारियाँ माधोगढ़ के किले के बारे में

गुड़गाँव, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

गुड़गाँव के बारे मे जानकारी

गुड़गाँव की स्थापना 15 अगस्त 1979 ई. को की गई थी। महाभारत काल में राजा युधिष्ठिर ने गुड़गाँव को अपने धर्मगुरु द्रोणाचार्य को उपहार स्वरूप दिया था और आज भी उनके नाम पर एक तालाब के भग्नावशेष तथा एक मंदिर प्रतीक के तौर पर विद्यमान हैं। इस कारण इसका नाम गुरुगाँव पड़ा था। बाद में समय के साथ इसका नाम गुड़गाँव हो गया। गुड़गाँव, भारतीय राज्य हरियाणा का छठा सबसे बड़ा शहर है। यह हरियाणा के ४ प्रमण्डलों में से भी एक है। गुडगाँव हरियाणा का ओद्योगिक और वितीय केंद्र है। गुड़गाँव दिल्ली के चार प्रमुख उपग्रह शहरो में से एक है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा है। गुड़गाँव दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली मेट्रो के माध्यम से सीमा साँझा करता है। हरियाणा की की नयी बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता की बाउट समय से मांग को ध्यान में रखते हुए गुडगाँव का नाम गुरुग्राम कर दिया।

 

गुडगाँव का नक्शा


गुड़गांव का गूगल मैप

गुड़गाँव का इतिहास

इतिहास में गुडगाँव पर हमेशा से दिल्ली पर राज करने वाले राजाओ का ही अधिकार रहा है जेसे की राजपूत, यदुवंशी, मुग़ल, मराठा आदि। यह दिल्ली के चार प्रमुख उपनगरों मे से एक है इसलिए इसे भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक हिस्सा माना जाता है। गुड़गाँव को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक सबसे अभिजात्य क्षेत्र भी एक माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में शहर का अत्यधिक विकास हुआ है तथा देश के भीतर एक आउटसोर्सिंग गंतव्य के रूप में विकसित होने के अतिरिक्ति इस क्षेत्र ने एक अचल संपत्ति मे आया एक अभूतपूर्व उछाल देखा है।

गुड़गांव पर पहले हिन्दू राजाओ का राज्य था, सबसे पहले यादववंशी राजपूतो का राज्य था, परन्तु ११९६ में ये लोग मुहम्मद घोर से हर गए , इसके बाद फिरोज शाह तुगलक का राज हुआ जिसके काल में काफी लोगो को इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया।

फिर यहाँ पर तैमूर का हमला हुआ, फिर बाबर ने भी यहाँ पर शासन किया, जब अकबर ने अपनी राजधानी दिल्ली के बजाये आगरा की तब इसका शासन मुघलो के हाथो से निकल गया, और १८०३ में अंग्रेजो के अधीन आ गया एक संधि के अनुसार जो की सुरजी अर्जुनगाँव में सिंधीयो के साथ हुयी थी, १९६६ में यह हरियाणा में शामिल किया गया।

गुड़गाँव शहर दर्शनीय स्थल-

कुतुब खान का मकबरा, वाटर पार्क, फन एण्ड फूड, दमदमा झील, सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान पक्षी अभयारण्य, उरुस्वती लोक कथाओं का संग्रहालय शीतला माता मंदिर, किंगडम ऑफ़ ड्रीम, ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, इसके बाद पुरे परिवार के घूमने के लिए अपनों घर अम्यूसमेंट पार्क है, फारुख नगर किला, iSkate ये एम्बिएंस माल में है इसका उद्घाटन २०११ में हुआ था

 

 

देहरादून, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

देहरादून के बारे मे जानकारी

देहरादून उत्तराखंड का एक जिला है साथ ही ये राज्य की राजधानी भी है, यह नगर पालिका बोर्ड द्वारा संचालित है, जिसमे मेयर , जिलाधिकारी और एक वरिष्ठ पुलिश अधिकारी होता है, इसकी आबादी २०११ के अनुसार ६ लाख के आसपास है और जनसंख्या घनत्व २००० व्यक्ति प्रतिवर्ग किलोमीटर है।

यह नगर हिमालय की दून घाटी की तलहटी में है और इसके एक पूर्वी तरफ गंगा नदी है और पश्चिमी तरफ जमुना नदी है, यहाँ से मसूरी पास है, और यहाँ पर कई राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग केंद्र है जिनमे, इंडियन मिलेट्री अकादमी, इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस अकादमी, इंदिरा गाँधी फारेस्ट अकादमी इत्यादि।

देहरादून नगर की नगर की स्थपना किसने की, ये एक यक्ष प्रश्न है, कुछ लोगो का मानना है की इसका नाम द्रोणाचार्य के नाम पर हस्तिनापुर नरेश ने महात्मा भीष्म के आग्रह पर रखा था, परंतु एक नयी कहानी सिखों से जुडी हुयी भी है, इसके अनुसार ये गुरूद्वारे का अपभ्रंस रूप है, यानि की १८१८ में यहाँ पर गुरु अर्जुनदेव जी ने डेरा डाला था, तो वही डेरा कालांतर में देहरा बन गया और ये एक दूं घाटी था इसलिए वो डेरा का देहरा और दून मिला कर बन गया देहरादून, ये है देहरादून के स्थापना के सम्बन्ध की कहानी.

देहरादून का नक्शा

देहरादून का नक्शा गूगल मैप पर

देहरादून शहर दर्शनीय स्थल

देहरादून में बहुत से दर्शनीय स्थल है जिनमे टपकेश्वर मंदिर ‘यह मंदिर सिटी बस स्टेंड से 5.5 कि॰मी॰ की दूरी पर गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक छोटी नदी के किनारे बना है।’, राजाजी राष्ट्रिय पार्क ‘1966 में स्थापित यह पार्क 820.42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। शिवालिक रेंज में स्थित इस पार्क में स्तनधारी जानवरों की 23 प्रजातियां हैं। इसका नाम श्री सी राज गोपालाचारी जैसी विशिष्ट शख्सियत के नाम पर रखा गया है जिन्हें लोग प्यार से राजा जी कहकर बुलाते थे’, गुच्छुपानी गुफा ‘हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर लच्छीवाला-डोईवाला से 3 कि॰मी॰ और देहरादून से 22 कि॰मी॰ दूर है। सुंदर दृश्यावली वाला यह स्थान पिकनिक-स्पॉट है’, मालसी डियर पार्क ‘मालसी डियर पार्क एक छोटा सा चिड़ियाघर है जहां बच्चों के लिए प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा एक पार्क भी विकसित किया गया है’

इसके अलाबा भी बहुत से दर्शनीय पर्यटन स्थल है जैसे गुरु रामराय दरबार, संतौला देवी मंदिर, लक्ष्मण सिद्ध, चन्द्रबाणी या चंद्रबनी, साई दरबार, तपोवन, महान स्तूप , बुद्ध की मूर्ति, आसन कंजर्वेशन रिजर्व, कलंगा स्मारक, कालसी और भागीरथ रिज़ार्ट।

Information and History of Nashik , Maharashtra

Information  about Nashik

Name Nashik
Country India
Continent Asia
Come in existance 1487 A.D
Previous name any gulasanabada
Area in KM 300 km2
Area in miles 100 sq mi
Population 1,862,769
Population Density 6,200/km2 (16,000/sq mi)
Lat Long 19.9975° N, 73.7898° E
Name of Monuments kalaram Temple , Sundamarayan Temple , Muktidham Temple, Dadasaheb Phalke Samarak
Places to Visit Saptashrungi, Coin Museum, Sita Gumpha, Pandavleni Caves, Muktidham, Trimbakeshwar Temple, Gangapur Dam, Vihigaon Waterfall
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91(253)
Zip Code Start 422 003
Languages Marathi, Sanskrit
Mayor Ashok Murtadak
Rivers Godavari
Airports Gandhinagar Airport

04

नाशिक का इतिहास

नाशिक शक्तिशाली सातवाहन वंश के राजाओं की राजधानी थी। मुगल काल के दौरान नासिक शहर को गुलशनबाद के नाम से जाना जाता था। इसके अतिरिक्त नाशिक शहर ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर ने १९३२ में नाशिक के कालाराम मंदिर में अस्पृश्योंको प्रवेश के लिये आंदोलन चलाया था। नाशिक आस्था का शहर है। यहां आपको बहुत से सुंदर मंदिर और घाट देखने को मिलेगें। यहां विभिन्न त्योहारों को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां ज्‍यादातर भगवान के प्रति आस्‍था रखने वाले पर्यटक अधिक संख्‍या में आर्कषित होते है।

मुख्य आकर्षण-कुंभ मेला, पंचवटी, सीता गुम्फा, सुंदरनारायण मंदिर, मोदाकेश्वर गणेश मंदिर, रामकुंड, कालाराम मंदिर, शिरडी, सोमेश्वर मंदिर,

 

Information and Historical facts of Bareilly, Uttar Pradesh

Information about Bareilly

Name Bareilly
Country India
Continent Asia
Come in existance 1537
Previous name any
Area in KM 235 km2
Area in miles 91 sq mi
Population 903,668
Population Density 1,084/km2 (2,810/sq mi)
Lat Long 28.3670° N, 79.4304° E
Name of Monuments Tulsi Math, Bareilly
Places to Visit Trivati Nath Temple, Fun City, Alakhnath Temple, Dargah Aala Hazrat, Jat Regimental Centre, Children’s Park, Jagannath Temple, Chunne Miyan’s Lakshmi Narayan Temple, Rangoli sarees
Time Zone IST
STD 581
Zip Code Start 243002
Languages Hindi, English, Urdu, Punjabi,
Mayor Dr. I.S Tomar
Rivers Ramganga
Airports Bareilly Airport

Historical facts of Bareilly in Hindi

02

उत्तरी भारत में मध्य उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित बरेली नगर रामगंगा नदी तट पर स्थित है। 1537 में स्थापित इस शहर का निर्माण मुख्यत: मुग़ल प्रशासक ‘मकरंद राय’ ने करवाया था। यहाँ बाद में इसके आसपास के क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल कर चुके प्रवासी समुदाय के रोहिल्लाओं की राजधानी बना। 1774 में अवध के शासक ने अंग्रेज़ों की मदद से इस क्षेत्र को जीत लिया और 1801 में बरेली की ब्रिटिश क्षेत्रों में शामिल कर लिया गया। मुग़ल सम्राटों के समय में फ़ौजी नगर था। अब यहाँ पर एक फ़ौजी छावनी है। यह 1857 में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ हुए भारतीय विद्रोह का एक केंद्र भी था। बरेली के पास स्थित प्राचीन दुर्ग नगर अहिच्छत्र में बुद्ध का आगमन हुआ था।

 

Information and Historical Facts of Allahabad, Uttar Pradesh

Information about Allahabad

Name Allahabad
Country India
Continent Asia
Come in existance 1575
Previous name any Prayag
Area in KM 1,350 km2
Area in miles 520 sq mi
Population 1,117,094
Population Density 830/km2 (2,100/sq mi)
Lat Long 25.4358° N, 81.8463° E
Name of Monuments Triveni Sangam, Allahabad Fort, Khusro Bagh, Anand Bhavan, All Saints Cathedral,
Places to Visit Triveni Sangam, Hanuman Mandir, Anand Bhavan,Company Gardens Allahabad, All Saints Cathedral, Chandrashekhar Azad Park, Khusro Bagh , Allahabad Fort, Alopi Devi Mandir, Jawahar Planetarium, Allahabad High Court, Kalyani Devi Temple, Mankameshwar Temple, Alfred Park, Patalpuri Temple, Public Library, Shivkoti Mahadev Temple, Lalita Devi Temple, Mayo Memorial Hall, Minto Park, Narayan Ashram
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91-532
Zip Code Start 211001
Languages Hindi
Mayor Abhilasha Gupta
Rivers Ganges, Yamuna, Saraswati River
Airports Allahabad Airport

Historical Facts of Allahabad in Hindi

03

इलाहाबाद इतिहास – शहर का वर्तमान नाम अकबर द्वारा १५८३ में रखा गया था। हिन्दी नाम इलाहाबाद का अर्थ अरबी शब्द इलाह एवं फारसी से आबाद  – यानि ‘ईश्वर द्वारा बसाया गया’, या ‘ईश्वर का शहर’ है।

पुराने काल में शहर को प्रयाग  के नाम से जाना जाता था, क्योंकि सृष्टि कार्य पूर्ण होने पर सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने प्रथम यज्ञ यहीं किया था, उसके बाद यहां कई यज्ञ हुए। यह क्षेत्र पूर्व से मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य के अंग एवं पश्चिम से कुशान साम्राज्य का अंग रहा है। बाद में ये कन्नौज साम्राज्य में आया। १५२६ में मुगल साम्राज्य के भारत पर पुनराक्रमण के बाद से इलाहाबाद मुगलों के अधीन आया। अकबर ने यहां संगम के घाट पर एक वृहत दुर्ग निर्माण करवाया था।

१९३१ में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने ब्रिटिश पुलिस से घिर जाने पर स्वयं को गोली मार कर अपनी न पकड़े जाने की प्रतिज्ञा को सत्य किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में नेहरु परिवार के पारिवारिक आवास आनन्द भवन एवं स्वराज भवन यहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों के केन्द्र रहे थे। यहां से हजारों सत्याग्रहियों को जेल भेजा गया था। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु इलाहाबाद निवासी ही थे।

इलाहाबाद गंगा-यमुना नदियों के संगम पर स्थित है। जिसे तीन ओर से नदियों ने घेर रखा है एवं मात्र एक ओर ही मुख्य भूमि से जुड़ा है। इस कारण ही शहर के भीतर व बाहर बढ़ते यातायात परिवहन हेतु अनेक सेतुओं द्वारा गंगा व यमुना नदियों के पार जाते हैं।

इसे ‘तीर्थराज’ भी कहते हैं। यही सबसे बड़े हिन्दू सम्मेलन महाकुंभ की चार स्थलियों में से एक है, शेष तीन हरिद्वार, उज्जैन एवं नासिक हैं। हिन्दू धर्मग्रन्थों में वर्णित प्रयाग स्थल पवित्रतम नदी गंगा और यमुना के संगम पर स्थित है। यहीं सरस्वती नदी गुप्त रूप से संगम में मिलती है, अतः ये त्रिवेणी संगम कहलाता है, जहां प्रत्येक बारह वर्ष में कुंभ मेला लगता है

ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल-इलाहाबाद किला, स्वराज भवन, आनन्द भवन, संगम, हनुमान मंदिर, शंकर विमान मण्डपम्, हनुमत् निकेतन, सरस्वती कूप, मनकामेश्वर मन्दिर, शिवकुटी, त्रिवेणी पुष्प, चक्रमाधव मन्दिर, पुष्प विहार, आदिवेणी माधव मन्दिर, सोमेश्वर नाथ मन्दिर, नृसिंह मन्दिर, श्री बाला त्रिपुर सुन्दरी मन्दिर, महर्षि महेश योगी आश्रम मन्दिर, सच्चा बाबा आश्रम आदि ।