एलुरु जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

एलुरु के बारे मे जानकारी

एलुरु, आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले का एक शहर है, और जिले का मुख्यालय भी है , यह नगर बुद्ध काल में हेलापुरी नाम से जाना जाता था जो की वेंगी राज की राजधानी था.

एलुरु के अक्षांश और देशांतर १६ डिग्री ७ मिनट उत्तर से ८१ डिग्री १ मिनट पूर्व तक है, इस शहर का क्षेत्रफल मात्रा १२ वर्ग किलोमीटर है, और यह समुद्र तल से २२ मीटर की ऊंचाई पर है, यहाँ की जनसँख्या २८२६४८ है और एलुरु का जनसँख्या घनत्व २५००० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, यहाँ महिला जनसँख्या पुरुषो से ज्यादा है, महिलाये १४३५८९ है और पुरुष मात्र १४००५९ है, एलुरु की आधिकारिक भाषा तेलगु है, यहाँ का पिनकोड ५३४०० से शुरू होता है और एसटीडी कोड ०८८१२ है, यहाँ पर वाहनों का पंजीकरण आंध्र प्रदेश ३७ से होता है, यहाँ पर बंगाल की खाड़ी के कारन आदृत ज्यादा रहती है, वर्ष का औषत तापमान २८ डिग्री सेन्टीग्रेट रहता है, मई यहाँ का सबसे ज्यादा गर्म और दिसम्बर सबसे ज्यादा ठंडा महीना होता है, वार्षिक वर्षा का औषत ९९२ मिली मीटर है

एलुरु का नक्शा

एलुरु का नक्शा गूगल मैप पर

एलुरु शहर दर्शनीय स्थल

यहाँ पर बुद्ध पार्क में बुद्ध की एक ७४ फ़ीट यानी की २३ मीटर ऊँची प्रतिमा मुख्य आकर्षण का केंद्र है, शहर की एकदम बीच में एक गज वाल्लीवारी चेरुवु कुंड है जो की आज पीने के पानी का समाधान है जबकि प्राचीन काल में ये हाथियों के पानी पीने का स्थान था, आज भी कोल्लेरू झील दर्शको के लिए एक घूमने का रमणीक स्थल है साथ ही ये शुद्ध और ताजे पानी की झील पीने के पानी का भी समाधान करती है, इस झील में कई विदेश पक्षी आते रहते है, और यहाँ का डुग्गीराला में बना हुआ सिल्वियो पासकल मेमोरियल कान्वेंट, इजराइल की पवित्र भूमि का याद दिलाता है। कुल मिलकर शहर में काफी पर्यटन स्थल है जो की दर्शनीय है और साफ सुथरे भी है।

धर्मावरम जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

धर्मावरम के बारे मे जानकारी

धर्मावरम, आंध्र प्रदेश राज्य के अनंतपुर जिले का एक शहर है, यह शहर सुती, सिल्क की कढाई उद्योग के लिए प्रसिद्द है, यहाँ पर कठपुतलियो का भी निर्माण कार्य होता है, धर्मावरम कुंड का निर्माण क्रियासक्ति ओडेयार ने करवाया था और उनकी माता जी धर्माम्ब के नाम पर ही शहर का नाम पड़ा.

2011 के अनुसार धर्मावरम की जनसख्या 121874 है जिसमें महिलाएं 59624 और पुरुष 62250 है, यानि की महिला और पुरुष अनुपात 958 महिलाए प्रति 1000 पुरुष पर धर्मावरम का क्षेत्रफल 40.50 वर्ग किलोमीटर है, और जनसंख्या घनत्व 3000 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, साक्षरता दर 71.07% है और यह शहर समुद्र तल से 345 मीटर ऊंचाई पर है.

यहाँ की मूल भाषा तेलुगु है, पिन कोड 515671 है और टेलीफोन कोड 08559 है, वाहनों का पंजीकरण आंध्र प्रदेश 02 से शुरू होता है .

धर्मावरम का नक्शा

धर्मावरम का नक्शा गूगल मैप पर

धर्मावरम शहर दर्शनीय स्थल–

चित्तूर जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

चित्तूर के बारे मे जानकारी

चित्तूर आंध्र प्रदेश राज्य में रायलसीमा क्षेत्र का एक जिला है और अपने जिले का मुख्यालय भी है, चित्तूर जिले का कुल क्षेत्रफल 15359 वर्ग किलोमीटर है और जनसँख्या 2011 के अनुशार 4170468 है, जनसंख्या घनत्व 2000 व्यक्ति प्रतिवर्ग किलोमीटर है, यहाँ की साक्षरता 72.36% है, महिला 1002 प्रति 1000 पुरुषों पर, यहाँ पर 92.7% लोग बिजली का इस्तेमाल करते है, 99.6% लोगो को पीने का स्वक्छ पानी उपलव्ध है, चित्तूर समुद्र तल से 334 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है,

चित्तूर का नक्शा

चित्तूर का नक्शा गूगल मैप पर

 

चित्तूर शहर दर्शनीय स्थल

-हॉर्सले हिल्स, श्री कपिलेस्वरस्वामी मंदिर, कैलासकोन झरने, श्री कल्याण वेंकटेस्वरस्वामी मंदिर, परसुरामेस्वर मंदिर, जप शिवलिंग मंदिर, श्री सुब्रमण्या स्वामी मंदिर, श्री वेंकटेश्वर ध्यान विग्नान मंदिरं, मल्लम्मा मंदिर, पसुपू तीर्थम, सनक सनंदनथीर्थम, दुर्गम्बिका मंदिर

भीमावरम जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

भीमावरम के बारे मे जानकारी

भीमावरम शहर, पश्चिमी गोदावरी जिले में स्थित है, २०११ की जनगणना के अनुसार यह शहर जिले का सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला शहर है, यहाँ पर ही सोमरम्म नामक तीर्थ है जो की पांच पञ्च कर्म क्षेत्रो में से एक है, भीमावरम शहर की अक्षांस और देशांतर १६ डिग्री ५४ मिनट उत्तर से ८१ डिग्री ५२ मिनट है, इसका क्षेत्रफल २५.६४ वर्ग किलोमीटर है, जनसँख्या १४२१८४ है, जनसँख्या घनत्व ५५०० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, भीमावरम में १०३१ महिला प्रति १००० पुरुष पर है, भीमावरम के साक्षरता ८३% है जो की राज्य की ७३% साक्षरता से ज्यादा है

भीमावरम का नक्शा

भीमावरम का नक्शा गूगल मैप पर

भीमावरम शहर दर्शनीय स्थल-

अनंतपुर जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अनंतपुर के बारे मे जानकारी

अनंतपुर, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र का एक जिला है, इसका क्षेत्रफल १९१३० वर्ग किलोमीटर है, इसके अंदर ५३ तहसील, २ लोक सभा क्षेत्र और १4 विधान सभा क्षेत्र पड़ते है, २०११ के अनुसार अनंतपुर शहर की जनसँख्या ४०४३३१५ है, जिसमे शहरी जनसँख्या का प्रतिशत २८% है, यहाँ की साक्षरता ६४% और प्रति १००० पुरुषो पर ९७८ महिलाये है, अनंतपुर राज्य का छठवा सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला जिला है, यहाँ का पुट्टापर्थी में बना सत्य साई बाबा का आश्रम पुरे विश्व में उनके अनुयायियों के कारण प्रसिद्द है, अनंतपुर डोलोमाइट और कच्चे आयरन के उत्पादन में अग्रणी है, २००६ में इस जिले को देश के ६४० पिछड़े जिलो में सर्वाधिक पिछड़े जिलो की सूचि में २५० नम्बर पर रखा गया था।

अनंतपुर का नक्शा

अनंतपुर का नक्शा गूगल मैप पर

अनंतपुर शहर दर्शनीय स्थल

– अनंतपुर, इस्कॉन मंदिर, समाधि तीर्थ, रायदुर्ग गूटी किला, मौनगिरी हनुमान मंदिर, माधवराय मंदिर, पेनुकोंडा किला, रायदुर्ग किला, अनंतसागरम

अमरावती जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अमरावती के बारे मे जानकारी

अमरावती, आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी का नाम है, इसका निर्माण प्रस्तर भारत के माननीय मुख्यमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी ने रखा था, अभी तक यह गुंटूर जिले में है, पर शायद प्रदेश की राजधानी बनाये जाने के बाद इसे भी जिला घोसित कर दिया जाये, अमरावती के अक्षांस और देशांतर १६ डिग्री ५४ मिनट उत्तर से ८० डिग्री ५१ मिनट पूर्व तक है, अमरावती का कुल क्षेत्रफल २१७ वर्ग किलोमीटर, जनसँख्या २०११ के अनुसार १०३,००० है और जनसंख्या घनत्व ४७५ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है

अमरावती का नक्शा

अमरावती का नक्शा गूगल मैप पर

अमरावती शहर दर्शनीय स्थल

आदोनी जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

आदोनी के बारे मे जानकारी

अदोनी, आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक शहर है, इसके अक्षांस और देशांतर १५ डिग्री ३७ मिनट उत्तर से ७७ डिग्री १६ मिनट पूर्व तक है, अदोनी की जनसँख्या २०११ में १६६३४४ थी और यह शहर जनसँख्या के मामले में आंध्र प्रदेश में १६वे नंबर पर है, क्षेत्रफल ३२.७१ वर्ग किलोमीटर यह शहर क्षेत्रफल के मामले में आंध्र प्रदेश में १३वे नंबर पर है , अदोनी समुद्रतल से ४३५ मीटर की ऊंचाई पर बसा है, यहाँ पर १००८ महिलाये है प्रति १००० पुरुषो पर, यहाँ पर लोक सभा और विधान सभा की १-१ सीट ही है, यहाँ के व्यवसायों में सूट और मूंगफली का उद्योग अधिक विकसित है, अदोनी आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, १६६० में बानी शाही जामिया मस्जिद इस शहर का प्रमुख धरा चिन्ह है।

आदोनी का नक्शा

आदोनी का नक्शा गूगल मैप पर

आदोनी शहर दर्शनीय स्थल

१६६० में बनी शाही जामिया मस्जिद यहाँ का प्रमुख दर्शनीय स्थल है, इसके आर्किटेक्ट मल्ली संदल थे, ऐसा मन जाता है की इस मस्जिद का निर्माण सिद्दी मसूद ने करवाया था जो की तत्कालीन गवर्नर था

फतेहाबाद, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

फतेहाबाद के बारे मे जानकारी

फतेहाबाद, हरियाणा का एक जिला है, इसका नाम फिरोज शाह तुगलक के नाम पर १४वी शताब्दी में उसके इस स्थान को जीतने यानि की फ़तेह करने के बाद पड़ा, इसके अक्षांश और देशांतर २९ डिग्री ३१ मिनट उत्तर से ७५ डिग्री २७ मिनट पूर्व तक है, फतेहाबाद समुद्रतल से १६२ मीटर की ऊंचाई पर बसा है, यहाँ की कुल जनसँख्या २०११ की जनगणना के अनुसार 941,५२२ है, फतेहाबाद का जनसँख्या घनत्व ३७१ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जनसँख्या विकास दर २००१ से २०११ तक १६.७८% रही है, महिला और पुरुष अनुपात फतेहाबाद में ९०३ महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है जबकि साक्षरता दर मात्र ६९.१% है, यहाँ पर 1961 में हिन्दू 84% था और सिख मात्र १५%, और २००१ में सिख ४३% और हिन्दू ५६% रह गया है।

फतेहाबाद का नक्शा

फतेहाबाद का नक्शा गूगल मैप पर
फतेहाबाद शहर दर्शनीय स्थल
कीर्ति स्तंभ, हुमायूं मस्जिद,

फतेहाबाद का मौषम और जलवायु

फतेहाबाद की जलवायु उष्णकटिबंधीय है, यहाँ पर गर्मी खूब गर्म और ठण्ड काफी ठंडी पड़ती है, गर्मियों का औषत तापमान ४७ डिग्री सेलसियस और सर्दियों यानि की दिसम्बर से जनवरी का औषत तापमान २ डिग्री सेलसियस रहता है, वर्षा का वार्षिक औषत ४०० मिली मीटर रहता है, यहाँ पर वर्षा दक्षिण पश्चिमी मानसून के कारण होती है, और जुलाई से सितंबर के मध्य होती है, जुलाई और अगस्त सबसे ज्यादा वर्षा वाले महीने है।

हिसार हरियाणा

हिसार, दिल्ली के निकटम राज्य हरियाणा का एक जिला और शहर है, यहाँ की जलवायु शुष्क है, गर्मियों में गर्म और सर्दियो म ठंडी रहती है, यहाँ पर घाघर और यमुना नदी बहती है, हिसार कपास की खेती और सांडों के लिए विश्विख्यात है।

हिसार के बारे मे जानकारी

हिसार का पृथ्वीतल समुद्रतल से २१५ मीटर है, यहाँ का अक्षांश और देशांतर २९ डिग्री ९ मिनट उत्तर से ७५ डिग्री ४२ मिनट पूर्व तक है, हिसार का क्षेत्रफल ३७८७ वर्ग किलोमीटर है, जनसँख्या ३०१२४९ और जनसँख्या घनत्व ४३८ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, यहाँ पर साक्षरता ८१% है और महिला पुरुष अनुपात ८४४ महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है.

जनसंख्या के हिसाब से हिसार भारत में १४१वे नम्बर है और यहाँ पर महिला और पुरुष जनसंख्या का अनुपात ४६५ और ५४% है, महिलाओ के साक्षरता ७५% और पुरुषो की ८१% है।

हिसार में लोकसभा क्षेत्र हिसार है और विधानसभा क्षेत्र हिसार सिटी है, हिसार का पिन कोड १२३ से शुरू होता है और हिसार का एसटीडी कोड ०१६६२ है, हिसार में वाहनों के पंजीकरण हरियाणा २० और ३९ (व्यावसायिक) है, हिसार में हिन्दू, सिख,जैन, मुस्लिम और ईसाई सभी लोग है, किताबी आंकड़ो के हिसाब से हिन्दू ज्यादा है, यहाँ पर बोली जाने वाली भासाओ में हिंदी, पंजाबी, उर्दू, हरयानवी और अंग्रेजी है।

हिसार का नक्शा

हिसार का मानचित्र गूगल मैप पर

हिसार का इतिहास

हिसार का इतिहास बहुत प्राचीन है, इसका भी सम्बन्ध महाभारत काल से है, क्योंकि इस क्षेत्र का वरन पाणिनि के महान ग्रन्थ अष्टाध्यायी में भी है, जिससे प्रतीत होता है की हिसार का इतिहास गरिमामय और भव्य है, परंतु अष्टाध्यायी में इसका नाम इषुकार वर्णित है जिसे इतिहासकारो ने भी हिसार का प्राचीन नाम माना है और हिसार को इषुकार का अपभ्रंस माना गया गया है।

हिसार पर तीसरी शताब्दी में मौर्य वंश का अधिपत्य था इसके बाद विदेशी आक्रमणों ने इस क्षेत्र की बहुत क्षति की, क्योंकि तत्कालीन पंजाब का यह भाग भारत में प्रवेश का एक मार्ग था।

नवीन या आधुनिक इतिहास का प्रादुर्भाव हिसार के मध्यकालीन इतिहास का ही एक भाग है, यहाँ पर पहले तो हिन्दू शासको का राज्य था परंतु १३७५ में यहाँ पर फिरोज शाह तुगलक ने हमला कर दिया, हिन्दू राजाओ ने मुकाबला किया पर मुसलमानो की मक्कारी और कुछ अपनों की गद्दारी हिन्दू राजाओ की वीरता पर भारी पड़ गयी और राजा हार गए।

फिरोज शाह तुगलक इ एक किले का निर्माण करवाया जिसमे अरबी भाषा में ‘हिसार ऐ फिरोजा’ कहा गया जिसका मतलब होता था फिरोज का किला, अकबर के काल में इसमें से फिरोज हटा कर सिर्फ इसे हिसार का किला कहा जाने लगा।

जब १६वी शताब्दी में भारत का अधिकांश हिस्सा मुगलो के आधी था तब हिसार भी मुगलो के अधीन आ गया था, यहाँ से काफी लगान मुगलो के खजाने को जाता था क्योंकि या भूमि उपजाऊ थी.

मुगलो के बाद १८वी सदी में यहाँ एक बार १७८३ में अकाल पड़ा तब आयरलैंड के अभियानकर्ता जार्ज थामस ने इस पुरे शहर को एक दुर्ग में बदल कर अकाल से रक्षा की, उसी ने इस नगर को चारो तरफ दीवार से बन्द करके उसमे ४ दरबाजे बना दिए जिनके नाम नागोरी दरवाजा, मोरी दरवाजा,दिल्ली दरवाजा और तलाकी दरवाजा पड़ गया या रखा गया, १८वी शताब्दीं के अंत में इस क्षेत्र पर भट्टी और भटियाल लोगो के कब्ज़ा कर लिया, परन्तु १९वी शताब्दी में अंगेजो के अधीन आ गया, यहाँ पर भी १८५७ की क्रांति का कभी गहरा प्रभाव पड़ा.

जब देश १९४७ में आज़ाद हुआ तो पहले यह पंजाब प्रान्त का हिस्सा बना दिया गया और १९६६ में जब हरियाणा राज्य बना तब इसे हरियाणा में जोड़ दिया गया, यह है हिसार का एक संक्षिप्त इतिहास।

हिसार के दर्शनीय स्थल

हिसार में सम्राट अशोक के शासन काल में बना हुआ एक स्तम्भ है जो की दर्शको के लिए पर्यटन करने योग्य है, इस स्तम्भ में भी जंग नही लगी है

हिसार में एक संग्राहलय भी है जिसमे कुषाण कालीन सिक्के और अन्य महत्वपूर्ण अवशेष है जो हमारी प्राचीन संस्कृति की भव्यता को दर्शाते है

हिसार में एक किला भी है जिसे फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया था, पहले इसे फिरोज का किला नाम से जाना जाता था बाद में अकबर ने इसे हिसार का किला नाम दिया, ये भी दर्शनीय है।
अग्रोहा धाम
सेंट थॉमस चर्च

जींद, जानकारी, नक्शा, इतिहास और दर्शनीय स्थल

जींद के बारे मे जानकारी

जींद, हरयाणा के जींद जिले का एक शहर है, यहाँ की आवादी १६७५९२, और क्षेत्रफल ३८० वर्ग किलोमीटर है, जनसँख्या घनत्व ४४० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जींद की साक्षरता ८३.६३% है, महिला और पुरुष अनुपात ८७७ महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है, जनसंख्या मे महिलाओ का प्रतिशत ४६.७ है और पुरुषो का ५३.३ है, यहाँ पर पुरुषो की साक्षरता ८०% है और महिलाओ के साक्षरता ६७% है।

जींद पृथ्वी तल से २२७ मीटर की ऊंचाई पर है, यहाँ का पिन कोड १२६१०१ है, एसटीडी कोड ०१६८१ है, वाहनों का पंजीकरण निजी वाहनों के लिए हरियाणा ३१ और व्यवसायिक वाहनों के हरियाणा ५६ है, जींद के अक्षांश और देशान्तर क्रमशः २९ डिग्री ३२ मिनट उत्तर से ७६ डिग्री ३२ मिनट पूर्व तक है।

जींद में १ लोक सभा क्षेत्र है सोनीपत और एक विधान सभा क्षेत्र है जींद सिटी, जींद में मूल रूप से हिंदी, पंजाबी, हरयाणवी, अंग्रेजी और कुछ अन्य भाषाएँ बोली जाती है।

जींद का नक्शा मानचित्र मैप

जींद का नक्शा गूगल मैप पर

जींद का इतिहास

जींद, जो की हरियाणा का एक जिला एक शहर है, इसका इतिहास उतना ही और प्राचीन है, प्राचीन ग्रन्थों और प्रमाणों के आधार पर पता चलता है की जींद का इतिहास महाभारत के इतिहास से जुड़ा हुआ है, यानि की जींद का इतिहास कही न कही पांडवो के इतिहास को छूटा हुआ सा प्रतीत होता है, और ये सत्य भी है.

सबसे पहले पांडवो ने बनवास काल के समय यहाँ पर एक मंदिर बनवाया या बनाया था, और इसके बाद अपने रहने के लिए इसके आस पास लोगो को जोड़ कर एक गांव बनाया जिसका नाम उन्होंने जैंतपुरी रखा क्योंकि यहाँ पर गांव को बसाने का विचार इंद्र के पुत्र जयंत ने दिया था और उनके ही अनुरोध पर यहाँ पर माता जयंती जो की विजय विभूति और यश को देने वाली देवी है का मंदिर बनाया था, महाभारत में इस मंदिर के बारे में पुरे प्रमाण है की अर्जुन स्वयं युद्ध में जाने से पहले यहाँ पर रक्त कमल में माता की पूजा कर विजय का आशीर्वाद लेने आते थे।

१८वी शतब्दी में इस क्षेत्र पर फुलकिया सरदारो ने अपना कब्ज़ा कर लिया, वे अपने को सरदार की जगह सरकार कहलवाला पसन्द करते थे, उन्होंने ही यहाँ पर एक गुरूद्वारे का निर्माण करवाया, या स्थान कालांतर में जयन्तपुर से जैंतपुरी और फिर जींद में बदल गया, कब बदला, कैसे बदला किसने बदला इसका कोई भी ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, बस यही है जींद का एक संक्षिप्त इतिहास।

जींद के दर्शनीय स्थल

खाण्डा

खाण्डा गांव जींद से लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर है, यहाँ पर अत्यधिक प्राचीन भगवान परशुराम मन्दिर एवं तीर्थ हैं, प्रत्येक रविवार लोग दूर -दूर से इस मंदिर में पूजा करने एवं तीर्थ में स्नान करने आते हैं !

अश्वनी कुमार तीर्थ

अश्वनी कुमार तीर्थ जीन्द से 14 किलोमीटर दूर है। प्राचीन मान्यताये है की मंगलवार के दिन इस तीर्थ कुंड में स्नान करने से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं। इस तालाब का उल्लेख महाभारत, पदम पुराण, नारद पुराण और वामन पुराण में भी मिलता है।

वराह

वराह भगवन का मंदिर जीन्द से 10 किलोमीटर दूर बराह गांव में है। वामन पुराण, पदम पुराण और महाभारत पुराण के अनुसार भगवान विष्णु ने यहाँ पर वराह का अवतार लिया था और पृथ्वी का उद्धार किया था।

इकाहमसा

इकाहमसा जीन्द की दक्षिण-पश्चिम दिशा में ५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। परंपराओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण गोपियों से बचने के लिए हंस के रूप में यहीं पर छुपे थे। यह बहुत खूबसूरत है और पर्यटक यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

मुंजावता

निरजन में स्थित मुंजावता बहुत खूबसूरत है और जीन्द से 6 किलोमीटर की दूरी पर है।

यक्षिणी तीर्थ

यह जीन्द से 8 किलोमीटर की दूरी पर दिखनीखेड़ा में स्थित है।

पुष्कर

पुष्कर जीन्द से 11 किलोमीटर की दूरी पर पोंकर खेड़ी गांव में है।