महेन्द्रगढ़, हरियाणा

महेन्द्रगढ़ के बारे मे जानकारी

महेंद्रगढ़, हरियाणा का एक समृद्ध शहर है, यह समुद्रतल से २६२ मीटर यानि की ८६० फिट ऊंचाई पर है, इसका कॉऑर्डिनेट्स २८ डिग्री २८ मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री १५ मिनट पूर्व तक है, महेंद्रगढ़ गुडगाँव के काफी पास है और यहाँ की जनसंख्या मात्र ३० हजार है, यहाँ पर वाहनों के रजिस्ट्रेशन का क्रमांक ‘हरियाणा ३४’ से शुरू होता है और पोस्टल कोड १२३०२९ है।

महेन्द्रगढ़ हरियाणा में स्थित है यह महेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय है। पहले यहां पर पृथ्वीराज चौहान के वंशज अंगपाल का साम्राज्य था। बाद में इस पर मराठों, झज्जार के नवाबों और ब्रिटिश शासकों ने भी शासन किया। महेन्द्रगढ़ की स्थापना १९४८ ई. में की गई थी। नारनौल, दादरी और महेन्द्रगढ़ इसके प्रमुख शहर हैं। इसके उत्तर में भिवानी व रोहतक, पूर्व में रेवाड़ी व अल्वर, दक्षिण में सीकर व जयपुर और पश्चिम में सीकर व झंझनू स्थित है। पिछले दिनों महेन्द्रगढ़ की दादरी तहसील को भिवानी में और गुड़गांव के भिवानी को महेन्द्रगढ़ में जोड़ा गया है। यहां के निवासी बडे हंसमुख और मिलनसार हैं। वह अपने यहां आने वाले यात्री का स्वागत बड़ी गर्मजोशी से करते हैं। पर्यटकों को यहां कहीं भी बोरियत या नीरसता का सामना नहीं करना पड़ता।

महेन्द्रगढ़ का नक्शा

महेन्द्रगढ़ का नक्शा गूगल मैप पर

महेन्द्रगढ़ शहर दर्शनीय स्थल

महेन्द्रगढ़ अपने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। जल महल, चोर गुम्ब, बीरबल का छाता, शाह विलायत का मकबरा, इब्राहिम खान का मकबरा, नसीबपुर, शाह कुली खान का मकबरा, चामुण्डा देवी मन्दिर

कुरुक्षेत्र, हरियाणा

कुरुक्षेत्र के बारे में जानकारी

कुरुक्षेत्र हरियाणा का एक बहुत ही ऐतिहासिक नगर है, यह २९ डिग्री ९६५७१७ मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ८३७००६ मिनट पूर्वी कॉऑर्डिनेट्स पर बसा हुआ है, इस नगर का सम्पूर्ण क्षेत्रफल १५३० वर्ग किलोमीटर यानि की ५९० वर्ग माइल्स है, यहाँ की जनसंख्या २०११ की जंगड़ना के अनुसार 964655 है, और जनसँख्या घनत्व ६४० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, यहाँ की प्रमुख क्षेत्रीय भाषा हरिणावी है वैसे पंजाबी और हिंदी भाषा काफी प्रचलन में है, पिनकोड १३६११८, एसटीडी कॉड ०७४४ है, वहां रजिस्ट्रेशन “हरियाणा ०७” से शुरू होता है।

कुरुक्षेत्र हरियाणा राज्य का एक प्रमुख जिला और उसका मुख्यालय है। यह हरियाणा के उत्तर में स्थित है तथा अम्बाला, यमुना नगर, करनाल और कैथल से घिरा हुआ है  इसका शहरी इलाका एक अन्य एटिहासिक स्थल थानेसर से मिला हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण हिन्दू तीर्थस्थल है। लोगो का कहना है कि यहीं महाभारत की लड़ाई हुई थी और भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश यहीं ज्योतिसर नामक स्थान पर दिया था। कहा जाता है कि यहाँ स्थित विशाल तालाब का निर्माण महाकाव्य महाभारत में वर्णित कौरवों और पांडवों के पूर्वज राजा कुरु ने करवाया था। कुरुक्षेत्र नाम ‘कुरु के क्षेत्र’ का प्रतीक है।

कुरुक्षेत्र का नक्शा

कुरुक्षेत्र का नक्शा गूगल मैप पर

कुरुक्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थान एवम पर्यटन स्थल

ब्रह्मसरोवर

सन्निहित सरोवर

भद्रकाली मन्दिर

ज्योतिसर

पिहोवा

श्री स्थानेश्वर महादेव मन्दिर

 

कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर श्री स्थानेश्वर महादेव मन्दिर स्थित है। लोक मन्यता है कि महाभारत के युद्ध से पूर्व भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन समेत यहा भगवान शिव की उपासना कर अशिर्वाद प्राप्त किया था। इस तीर्थ की विशेषता यह भी है कि यहा मन्दिर व गुरुद्वरा एक हि दिवार से लगते है। यहा पर हजारो देशी विदेशी यात्री दर्शन हेतु आते हैं।

 

Where is Karnal in Haryana

कर्नल हरियाणा का एक जिला है और एक महत्वपूर्ण शहर भी है, यह चंडीगढ़ से मात्र १२६ किलोमीटर दूर है और यमुना नदी के किनारे पर स्थित है, यहाँ के विधायक श्री मनोहर लाल खट्टर ही इस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री है, इसके कॉऑर्डिनेट्स २९ डिग्री ६९ मिनट उत्तर से लेकर ७६ डिग्री ९८ मिनट पूर्व तक है, २०११ की जनगणना के अनुसार यहाँ की जनसँख्या २ लाख ८६ हजार ८ सौ २७ है, पिन कॉड १३२००१, वाहन रजिस्ट्रेशन क्रमांक ‘हरियाणा ०५’ से शुरू होता है, यहाँ की साक्षरता ७५.०५% है एयर यहाँ पर महिलाओ की संख्या पुरुषो से ज्यादा है।

करनाल का इतिहास

करनाल यमुना नदी के किनारे स्थित है। घरौंड़ा, नीलोखेड़ी, असन्ध, इन्द्री और तरावड़ी इसके मुख्य दर्शनीय स्‍थल हैं। करनाल में अनेक फैक्ट्रियां हैं। जिसमे  में वनस्पति तेल, इत्र और शराब तैयार की जाती है। इसके अलावा यह अपने अनाज, कपास और नमक के बाजार के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर प्रमुख धान की खेती की जाती है। और इसका निर्यात विदेशों में किया जाता है। यात्री यहां पर अनेक पर्यटक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। इनमें कलन्दर शाह गुम्बद, छावनी चर्च और सीता माई मन्दिर आदि प्रमुख हैं। करनाल शहर को महाभारत के राजा कर्ण ने बसाया था। करनाल पर नादिरशाह ने मुग़ल बादशाह मुहम्मदशाह को हराया था। 1805 ई. में अंग्रेज़ों ने इस पर अपना अधिकार कर लिया।

करनाल का नक्शा

करनाल शहर दर्शनीय स्थल

-कलन्दर शाह गुम्बद, छावनी चर्च, कर्ण जलाशय, सीता माई मन्दिर, कंजपुरा, तरावड़ी, बास्थली,

भिवानी, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

भिवानी के बारे मे जानकारी

भिवानी जिले का नाम इसके मुख्यालय के नाम से लिया गया है। इस सम्बन्ध में ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य यह है कि ये नगर राजपूत राजा नीम ने अपनी रानी भानी के नाम पर बसाया था। कालांतर में इसका नाम स्थानीय बोली के अनुरूप बिगड़ कर भ्याणी और बाद में भिवानी पड़ गया। परन्तु कुछ लोगों का मानना है की यहाँ हिन्दू धर्म की देवी माता भवानी ने अपने चरण रखे थे और उससे इसका नाम बिगड़ कर भिवानी पड़ा। मुग़ल काल में यह एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक नगर था और आज भी हरियाणा और राजस्थान के बीच उद्योग का केंद्र है।

भिवानी, हरियाणा प्रदेश (भारत) का एक प्रमुख शहर तथा भिवानी जिले का प्रमुखालय है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह हरियाणा का सबसे बड़ा जिला है। यह प्रदेश अपने ऐतिहासिक तथा धार्मिक दृष्टव्य स्थलों के लिए प्रसिद्द है।

 

भिवानी का नक्शा


भिवानी शहर का नक्शा गूगल मैप

भिवानी के दर्शनीय स्थल-

भिवानी को मंदिरों का नगर और भारत की छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ मंदिरों की अधिकता बहुत ज्यादा है। इनमें से शहर के बीचो-बीच स्थापित घंटाघर का मंदिर और नज़दीक के गाँव देवसर का मंदिर बहुत प्रसिद्द हैं।

देवसर धाम

गौरी शंकर मंदिर

लाहरु किला

अम्बाला, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

अम्बाला के बारे मे जानकारी

अम्बाला शहर भारत के हरियाणा राज्य का एक मुख्य एवं ऐतिहासिक शहर है। यह भारत की राजधानी दिल्ली से दो सौ किलो मीटर उत्तर की ओर शेरशाह सूरी मार्ग  पर स्थित है। अम्बाला नाम की उत्पत्ति शायद महाभारत की अम्बालिका के नाम से हुई होगी। अम्‍बाला को विज्ञान नगरी कह कर भी पुकारा जाता है कयोंकि यहां वैज्ञानिक उपकरण उद्योग केंद्रित है। भारत के वैज्ञानिक उपकरणों का लगभग चालीस प्रतिशत उत्‍पादन अम्‍बाला में ही होता है। एक अन्‍य मत यह भी है कि यहां पर आमों के बाग बगीचे बहुत थे, जिससे इस का नाम अम्‍बाला पड़ गया।

अंबाला छावनी एक प्रमुख रेलवे जंकशन है। अंबाला जिला हरियाणा एंव पंजाब भारत के राज्यों की सीमा पर स्थित है। अंबाला छावनी देश का प्रमुख सैन्य आगार है

अम्बाला का नक्शा

अम्बाला का नक्शा गूगल मैप

अम्बाला शहर दर्शनीय स्थल

हनुमान मंदिर, पटेल पार्क, टीले वाला मंदिर, सीसगंज गुरुद्वारा, बादशाही बाग गुरुद्वारा, गुरुद्वारा मंजी साहिब, होली रीडिमर चर्च, रानी का तालाब, अंबिका देवी मंदिर, जैन मंदिर आदि

 

जयपुर, जानकारी, नक्शा और दर्शनीय स्थल

जयपुर के बारे मे जानकारी

यह शहर प्रारंभ से ही ‘गुलाबी’ नगर नहीं था बल्कि अन्य सामान्य नगरों की ही तरह था, लेकिन 1876 में जब वेल्स के राजकुमार आए तो महाराजा रामसिंह के आदेश से पूरे शहर को गुलाबी रंग से जादुई आकर्षण प्रदान करने की कोशिश की गई थी। उसी के बाद से यह शहर ‘गुलाबी नगरी’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। जब मुगल अपनी ताकत खोने लगे, तो समूचे भारत में अराजकता सिर उठाने लगी, ऐसे दौर में राजपूताना की आमेर रियासत, एक बडी ताकत के रूप में उभरी.जाहिर है कि महाराजा सवाई जयसिंह को तब मीलों के दायरे में फ़ैली अपनी रियासत संभालने और सुचारु राजकाज संचालन के लिये आमेर छोटा लगने लगा और इस तरह से इस नई राजधानी के रूप में जयपुर की कल्पना की गई | इस शहर की नींव पहले पहल कहां रखी गई, इसके बारे मे मतभेद हैं, किंतु कुछ इतिहासकारों के अनुसार तालकटोरा के निकट स्थित शिकार की होदी से इस शहर के निर्माण की शुरुआत हुई। कुछ इसे ब्रह्मपुरी और कुछ आमेर के पास एक स्थान ‘यज्ञयूप’ स्थल से मानते हैं| पर ये निर्विवाद है संबसे पहले चन्द्रमहल बना और फिर बाज़ार और साथ में तीन चौपड़ें | यह देश का पहला पूरी योजना से बनाया गया शहर था और स्थापना के समय राजा जयसिंह ने अपनी राजधानी आमेर में बढ़ती आबादी और पानी की समस्या को ध्यान में रखकर ही इसका विकास किया था। नगर के निर्माण का काम १७२७ में शुरू हुआ और प्रमुख स्थानों के बनने में करीब चार साल लगे। यह शहर नौ खंडों में विभाजित किया गया था, जिसमें दो खंडों में राजकीय इमारतें और राजमहलों को बसाया गया था। प्राचीन भारतीय शिल्पशास्त्र के आधार पर निर्मित इस नगर के प्रमुख वास्तुविद थे एक बंगाली ब्राह्मण विद्याधर , जो आमेर दरबार की ‘कचहरी-मुस्तफी’ में आरम्भ में महज़ एक नायब-दरोगा थे, पर उनकी वास्तुकला में गहरी दिलचस्पी और असाधारण योग्यता से प्रभावित हो कर महाराजा ने उन्हें नयी राजधानी के लिए नए नगर की योजना बनाने का निर्देश दिया।

सुंदर भवनों के आकर्षक – जयपुर में जलमहल, जंतर-मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल और आमेर का किला राजपूतों के वास्तुशिल्प के बेजोड़ नमूने हैं।

जयपुर का नक्शा

दर्शनीय स्थल

शहर में बहुत से पर्यटन आकर्षण हैं, जैसे जंतर मंतर, जयपुर, हवा महल, सिटी पैलेस, गोविंद देवजी का मंदिर, श्री लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर, बी एम बिड़ला तारामण्डल, आमेर का किला, जयगढ़ दुर्ग आदि। जानिए इतिहास और अन्य जानकारियाँ माधोगढ़ के किले के बारे में

Information and History of Nashik , Maharashtra

Information  about Nashik

Name Nashik
Country India
Continent Asia
Come in existance 1487 A.D
Previous name any gulasanabada
Area in KM 300 km2
Area in miles 100 sq mi
Population 1,862,769
Population Density 6,200/km2 (16,000/sq mi)
Lat Long 19.9975° N, 73.7898° E
Name of Monuments kalaram Temple , Sundamarayan Temple , Muktidham Temple, Dadasaheb Phalke Samarak
Places to Visit Saptashrungi, Coin Museum, Sita Gumpha, Pandavleni Caves, Muktidham, Trimbakeshwar Temple, Gangapur Dam, Vihigaon Waterfall
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91(253)
Zip Code Start 422 003
Languages Marathi, Sanskrit
Mayor Ashok Murtadak
Rivers Godavari
Airports Gandhinagar Airport

04

नाशिक का इतिहास

नाशिक शक्तिशाली सातवाहन वंश के राजाओं की राजधानी थी। मुगल काल के दौरान नासिक शहर को गुलशनबाद के नाम से जाना जाता था। इसके अतिरिक्त नाशिक शहर ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर ने १९३२ में नाशिक के कालाराम मंदिर में अस्पृश्योंको प्रवेश के लिये आंदोलन चलाया था। नाशिक आस्था का शहर है। यहां आपको बहुत से सुंदर मंदिर और घाट देखने को मिलेगें। यहां विभिन्न त्योहारों को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां ज्‍यादातर भगवान के प्रति आस्‍था रखने वाले पर्यटक अधिक संख्‍या में आर्कषित होते है।

मुख्य आकर्षण-कुंभ मेला, पंचवटी, सीता गुम्फा, सुंदरनारायण मंदिर, मोदाकेश्वर गणेश मंदिर, रामकुंड, कालाराम मंदिर, शिरडी, सोमेश्वर मंदिर,

 

Information and Historical facts of Bareilly, Uttar Pradesh

Information about Bareilly

Name Bareilly
Country India
Continent Asia
Come in existance 1537
Previous name any
Area in KM 235 km2
Area in miles 91 sq mi
Population 903,668
Population Density 1,084/km2 (2,810/sq mi)
Lat Long 28.3670° N, 79.4304° E
Name of Monuments Tulsi Math, Bareilly
Places to Visit Trivati Nath Temple, Fun City, Alakhnath Temple, Dargah Aala Hazrat, Jat Regimental Centre, Children’s Park, Jagannath Temple, Chunne Miyan’s Lakshmi Narayan Temple, Rangoli sarees
Time Zone IST
STD 581
Zip Code Start 243002
Languages Hindi, English, Urdu, Punjabi,
Mayor Dr. I.S Tomar
Rivers Ramganga
Airports Bareilly Airport

Historical facts of Bareilly in Hindi

02

उत्तरी भारत में मध्य उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित बरेली नगर रामगंगा नदी तट पर स्थित है। 1537 में स्थापित इस शहर का निर्माण मुख्यत: मुग़ल प्रशासक ‘मकरंद राय’ ने करवाया था। यहाँ बाद में इसके आसपास के क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल कर चुके प्रवासी समुदाय के रोहिल्लाओं की राजधानी बना। 1774 में अवध के शासक ने अंग्रेज़ों की मदद से इस क्षेत्र को जीत लिया और 1801 में बरेली की ब्रिटिश क्षेत्रों में शामिल कर लिया गया। मुग़ल सम्राटों के समय में फ़ौजी नगर था। अब यहाँ पर एक फ़ौजी छावनी है। यह 1857 में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ हुए भारतीय विद्रोह का एक केंद्र भी था। बरेली के पास स्थित प्राचीन दुर्ग नगर अहिच्छत्र में बुद्ध का आगमन हुआ था।

 

Information and Historical Facts of Allahabad, Uttar Pradesh

Information about Allahabad

Name Allahabad
Country India
Continent Asia
Come in existance 1575
Previous name any Prayag
Area in KM 1,350 km2
Area in miles 520 sq mi
Population 1,117,094
Population Density 830/km2 (2,100/sq mi)
Lat Long 25.4358° N, 81.8463° E
Name of Monuments Triveni Sangam, Allahabad Fort, Khusro Bagh, Anand Bhavan, All Saints Cathedral,
Places to Visit Triveni Sangam, Hanuman Mandir, Anand Bhavan,Company Gardens Allahabad, All Saints Cathedral, Chandrashekhar Azad Park, Khusro Bagh , Allahabad Fort, Alopi Devi Mandir, Jawahar Planetarium, Allahabad High Court, Kalyani Devi Temple, Mankameshwar Temple, Alfred Park, Patalpuri Temple, Public Library, Shivkoti Mahadev Temple, Lalita Devi Temple, Mayo Memorial Hall, Minto Park, Narayan Ashram
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91-532
Zip Code Start 211001
Languages Hindi
Mayor Abhilasha Gupta
Rivers Ganges, Yamuna, Saraswati River
Airports Allahabad Airport

Historical Facts of Allahabad in Hindi

03

इलाहाबाद इतिहास – शहर का वर्तमान नाम अकबर द्वारा १५८३ में रखा गया था। हिन्दी नाम इलाहाबाद का अर्थ अरबी शब्द इलाह एवं फारसी से आबाद  – यानि ‘ईश्वर द्वारा बसाया गया’, या ‘ईश्वर का शहर’ है।

पुराने काल में शहर को प्रयाग  के नाम से जाना जाता था, क्योंकि सृष्टि कार्य पूर्ण होने पर सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने प्रथम यज्ञ यहीं किया था, उसके बाद यहां कई यज्ञ हुए। यह क्षेत्र पूर्व से मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य के अंग एवं पश्चिम से कुशान साम्राज्य का अंग रहा है। बाद में ये कन्नौज साम्राज्य में आया। १५२६ में मुगल साम्राज्य के भारत पर पुनराक्रमण के बाद से इलाहाबाद मुगलों के अधीन आया। अकबर ने यहां संगम के घाट पर एक वृहत दुर्ग निर्माण करवाया था।

१९३१ में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने ब्रिटिश पुलिस से घिर जाने पर स्वयं को गोली मार कर अपनी न पकड़े जाने की प्रतिज्ञा को सत्य किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में नेहरु परिवार के पारिवारिक आवास आनन्द भवन एवं स्वराज भवन यहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों के केन्द्र रहे थे। यहां से हजारों सत्याग्रहियों को जेल भेजा गया था। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु इलाहाबाद निवासी ही थे।

इलाहाबाद गंगा-यमुना नदियों के संगम पर स्थित है। जिसे तीन ओर से नदियों ने घेर रखा है एवं मात्र एक ओर ही मुख्य भूमि से जुड़ा है। इस कारण ही शहर के भीतर व बाहर बढ़ते यातायात परिवहन हेतु अनेक सेतुओं द्वारा गंगा व यमुना नदियों के पार जाते हैं।

इसे ‘तीर्थराज’ भी कहते हैं। यही सबसे बड़े हिन्दू सम्मेलन महाकुंभ की चार स्थलियों में से एक है, शेष तीन हरिद्वार, उज्जैन एवं नासिक हैं। हिन्दू धर्मग्रन्थों में वर्णित प्रयाग स्थल पवित्रतम नदी गंगा और यमुना के संगम पर स्थित है। यहीं सरस्वती नदी गुप्त रूप से संगम में मिलती है, अतः ये त्रिवेणी संगम कहलाता है, जहां प्रत्येक बारह वर्ष में कुंभ मेला लगता है

ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल-इलाहाबाद किला, स्वराज भवन, आनन्द भवन, संगम, हनुमान मंदिर, शंकर विमान मण्डपम्, हनुमत् निकेतन, सरस्वती कूप, मनकामेश्वर मन्दिर, शिवकुटी, त्रिवेणी पुष्प, चक्रमाधव मन्दिर, पुष्प विहार, आदिवेणी माधव मन्दिर, सोमेश्वर नाथ मन्दिर, नृसिंह मन्दिर, श्री बाला त्रिपुर सुन्दरी मन्दिर, महर्षि महेश योगी आश्रम मन्दिर, सच्चा बाबा आश्रम आदि ।

Facts and Information about Aurangabad,

Information about Aurangabad

Name Aurangabad
Country India
Continent Asia
Come in existance 17th-century
Previous name any Aurang City
Area in KM 139 km²
Area in miles 53.67 mi²
Population 873,311
Population Density 365 inhabitants per square kilometre (950/sq mi).
Lat Long 19.8762° N, 75.3433° E
Name of Monuments Ajanta Caves and Ellora Caves, Bibi Ka Maqbara and Panchakki.
Places to Visit Ajanta Caves, Ellora Caves, Grishneshwar Jyotirlinga Temple, Bibi Ka Maqbara, Bhadra Maruti, Aurangabad Caves, Tomb of Mughal Emperor Aurangzeb, Siddharth Garden, Jain Temple, Prozone Mall Aurangabad, Panchakki, Jayakwadi Dam, Chini Mahal, Chatrapati Shivaji Museum, Alamgir Dargah, Ganesh Temple, H2O Water Park, Gul Mandi Market, Goga Baba Hill, Jama Masjid, Dargah Baba Shah Muzafir, Sunheri Mahal, Pithalkhora Caves, Nizamshahi Mahal, Hemadpanthi Temple-Mosque, Supari Hanuman Temple, Sonehri Mahal, Himayat Baugh Aurangabad, Shah Ganj Masjid, Damri Mahal, Bharat Mata Mandir, Naukonda Palace, Killa Arak
Time Zone UTC+05:30
STD 240
Zip Code Start 431001,
Languages English, Hindi, Sanskrit
Mayor Trimbak Tupe
Rivers KHAM and Godavari RIVER
Airports Aurangabad Airport (Chikkalthana Airport)

Historical Facts about Aurangabad in Hindi

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औरंगाबाद महाराष्ट्र राज्य में एक शहर है, भारत में है। यह 17 वीं सदी की संगमरमर बीबी का मकबरा मंदिर, ताज महल पर स्टाइल के लिए जाना जाता है। पास के शिवाजी महाराज संग्रहालय, मराठा राजा शिवाजी के लिए समर्पित, युद्ध हथियारों और एक सिक्का संग्रह को प्रदर्शित करता है। Know Bibi ka Maqbara History in Hindi

Facts about Aurangabad   , 

  Facts about Bibi Ka Maqbara