Information and History of Nashik , Maharashtra

Information  about Nashik

Name Nashik
Country India
Continent Asia
Come in existance 1487 A.D
Previous name any gulasanabada
Area in KM 300 km2
Area in miles 100 sq mi
Population 1,862,769
Population Density 6,200/km2 (16,000/sq mi)
Lat Long 19.9975° N, 73.7898° E
Name of Monuments kalaram Temple , Sundamarayan Temple , Muktidham Temple, Dadasaheb Phalke Samarak
Places to Visit Saptashrungi, Coin Museum, Sita Gumpha, Pandavleni Caves, Muktidham, Trimbakeshwar Temple, Gangapur Dam, Vihigaon Waterfall
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91(253)
Zip Code Start 422 003
Languages Marathi, Sanskrit
Mayor Ashok Murtadak
Rivers Godavari
Airports Gandhinagar Airport

04नाशिक का इतिहास

नाशिक शक्तिशाली सातवाहन वंश के राजाओं की राजधानी थी। मुगल काल के दौरान नासिक शहर को गुलशनबाद के नाम से जाना जाता था। इसके अतिरिक्त नाशिक शहर ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर ने १९३२ में नाशिक के कालाराम मंदिर में अस्पृश्योंको प्रवेश के लिये आंदोलन चलाया था। नाशिक आस्था का शहर है। यहां आपको बहुत से सुंदर मंदिर और घाट देखने को मिलेगें। यहां विभिन्न त्योहारों को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां ज्‍यादातर भगवान के प्रति आस्‍था रखने वाले पर्यटक अधिक संख्‍या में आर्कषित होते है।

मुख्य आकर्षण-कुंभ मेला, पंचवटी, सीता गुम्फा, सुंदरनारायण मंदिर, मोदाकेश्वर गणेश मंदिर, रामकुंड, कालाराम मंदिर, शिरडी, सोमेश्वर मंदिर,

 

Information and Historical facts of Bareilly, Uttar Pradesh

Information about Bareilly

Name Bareilly
Country India
Continent Asia
Come in existance 1537
Previous name any
Area in KM 235 km2
Area in miles 91 sq mi
Population 903,668
Population Density 1,084/km2 (2,810/sq mi)
Lat Long 28.3670° N, 79.4304° E
Name of Monuments Tulsi Math, Bareilly
Places to Visit Trivati Nath Temple, Fun City, Alakhnath Temple, Dargah Aala Hazrat, Jat Regimental Centre, Children’s Park, Jagannath Temple, Chunne Miyan’s Lakshmi Narayan Temple, Rangoli sarees
Time Zone IST
STD 581
Zip Code Start 243002
Languages Hindi, English, Urdu, Punjabi,
Mayor Dr. I.S Tomar
Rivers Ramganga
Airports Bareilly Airport

Historical facts of Bareilly in Hindi

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उत्तरी भारत में मध्य उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित बरेली नगर रामगंगा नदी तट पर स्थित है। 1537 में स्थापित इस शहर का निर्माण मुख्यत: मुग़ल प्रशासक ‘मकरंद राय’ ने करवाया था। यहाँ बाद में इसके आसपास के क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल कर चुके प्रवासी समुदाय के रोहिल्लाओं की राजधानी बना। 1774 में अवध के शासक ने अंग्रेज़ों की मदद से इस क्षेत्र को जीत लिया और 1801 में बरेली की ब्रिटिश क्षेत्रों में शामिल कर लिया गया। मुग़ल सम्राटों के समय में फ़ौजी नगर था। अब यहाँ पर एक फ़ौजी छावनी है। यह 1857 में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ हुए भारतीय विद्रोह का एक केंद्र भी था। बरेली के पास स्थित प्राचीन दुर्ग नगर अहिच्छत्र में बुद्ध का आगमन हुआ था।

 

Information and History of Meerut , Uttar Pradesh

Name Meerut
Country India
Continent Asia.
Come in existance 19th century
Previous name any mayarastra
Area in KM 141.89 km2
Area in miles 54.78 sq mi
Population 1,309,023
Population Density 9,200/km2 (24,000/sq mi)
Lat Long 28.9845° N, 77.7064° E
Name of Monuments Vidura Ka Tila, Draupadi ki Rasoi, Shahpir Meerut, Suraj Khund Temple, Vidua Ka Tila , Monuments in Meerut
Places to Visit Jain temples, St. John’s Church, Augarnath Temple, Jama Masjid, Martyr’s Memorial, Gandhi Bagh, Shahi Eid Gaah, Parikshitgarh, Dargah of Baley Miyan, Suraj Kund
Time Zone UTC+05:30
STD 91- 121
Zip Code Start 250002
Languages Hindi
Mayor Mr. Harikant Ahluwalia (BJP)
Rivers Yamuna River.
Airports B.R. Ambedkar Airport

Unknown Facts about Meerut in Hindi

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मेरठ भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक शहर है। मेरठ, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (ऍन.सी.आर) का हिस्सा है। यहाँ भारतीय सेना की एक छावनी भी है। यह उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित और शिक्षित होते जिलों में से एक है। सन् १९५० में यहाँ से २३ मील उत्तर-पूर्व में स्थित एक स्थल विदुर का टीला की पुरातात्विक खुदाई से ज्ञात हुआ, कि यह शहर प्राचीन नगर हस्तिनापुर का अवशेष है, जो महाभारत काल मे कौरव राज्य की राजधानी थी। एक अन्य किवंदती के अनुसार रावण के श्वसुर मय दानव के नाम पर यहाँ का नाम मयराष्ट्र पड़ा, जैसा की रामायण में वर्णित है।

Where is Agra City

Where is Agra City located in Agra

Agra is a city in northern India’s Uttar Pradesh state. It’s home to the iconic Taj Mahal, a mausoleum built for the Mughal ruler Shah Jahan’s wife, Mumtaz Mahal . [Movers and Packers Agra and Movers and Packers in Agra]


Know where is Agra City located in Agra on Google Map

Information about Agra City

Name Agra
Country India
Continent Asia
Come in existance 1506
Previous name any City of Taj
Area in KM 188.4 km²
Area in miles 126 miles
Population 4418797
Population Density 1,084 persons per sq km ..
Lat Long 27.1767° N, 78.0081° E
Name of Monuments Agra Fort, Akbari Mahal, Anguri Bagh, Chitor Gates, Private Hall, Khas Mahal, Colvin’s Tomb, Inner Amar Singh Gate, Inner Delhi Gate, Jahangiri Mahal, Agra Fort: Jahangir’s Bath, Nagina Masjid, Fish House, Mina Masjid, Moti Masjid, Salimgarh, Shish Mahal, Somnath Gates, Akbari Mahal, Ram Bagh, Agra Gate, Firoz Khan’s Tomb, Great Idgah, Jami Masjid, Jhun Jhun Katora, Khans Gate, Zohra Bagh, Old Delhi Gate of city, Fatehpur Masjid, Zohra Bagh, Birbal’s Gate, Rang Mahal
Places to Visit Taj Mahal, Agra Fort, Tomb of Itimad-ud-Daulah, Fatehpur Sikri, Sheesh Mahal, Mehtab Bagh, Mother Teresa’s, Jama Masjid, Jawab Masjid, Shah Burj, Anguri Bagh, Guru ka Tal, Dayal Bagh, Maryamuzzamani Palace, Birbal Bhavan, Shri Mankameshwar Mandir, Jahangir Mahal
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91(562)
Zip Code Start 282002
Languages Hindi, Urdu and Punjabi, english
Mayor Indrajeet Arya
Rivers Yamuna River
Airports Agra Airport

History of Agra in Hindi

आगरा का सर्वप्रथम परिचय महाभारत से हुआ, उस काल में इस नगर को अग्रवन नाम से जाना जाता था, इसके निर्माण का संदर्भ राजा बदल सिंह जो की सिकरवार वंश के राजा है १४७५ ईश्वी में से प्रारम्भ होता है, पर ११वी शतब्दी में एक पर्सियन कवी ने आगरा के जंगलो का जिक्र किया है, परंतु सिकंदर लोधी ने १५०६ में अपनी राजधानी दिल्ली से आगरा बनायीं, और यही से उसने अपना शासन चलाया, उसके बाद उसके बेटे इब्राहिम लोधी ने उसके बाद कुछ अफगान शासको ने राज्य किया फिर मुघलो ने राज्य किया।

मुग़ल काल इस शहर के लिए स्वर्णिम समय था, उस काल में इस शहर का काफी विकास हुआ, यहाँ पर प्रसिद्द और ऐतिहासिक इमारते उसी काल की बानी हुयी है।

१८३५ में अंग्रेजो ने भी आगरा में एक प्रेसीडेंसी बनायीं, यहाँ पर १८५७ का स्वतंत्रता आंदोलन काफी जोर शोर से हुआ, सेनिको ने अदम्य उत्साह दिखाया पर अंतः उनका विद्रोह कुचल दिया गया.

यह नगर दीन ऐ इलाही धर्म का जन्म स्थान है, और यहाँ का ताज महल, किला और फतेहपुर सिकरी यूनेस्को विश्व धरोहर सूचि में है।

आगरा का  इतिहास

indexआगरा शहर को सिकंदर लोदी ने सन् 1506 ई. में बसाया था। कहते हैं कि पहले यह नगर आयॅग्रह के नाम से भी जाना जाता था। तौलमी पहला ज्ञात व्यक्ति था जिसने इसे आगरा नाम से संबोधित किया।

आगरा मुगल साम्राजय की चहेती जगह थी। आगरा 1526 से 1658 तक मुग़ल साम्राज्य की राजधानी रहा। आज भी आगरा मुग़लकालीन इमारतों जैसे – ताज महल, लाल किला, फ़तेहपुर सीकरी आदि की वजह से एक विख्यात पर्यटन-स्थल है। आगरा उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक महानगर, ज़िला शहर व तहसील है। विश्व का अजूबा ताजमहल आगरा की पहचान है और यह यमुना नदी के किनारे बसा है। आगरा उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है।

Facts and Information about Varanasi , India

Information about Varanasi , India

Name Varanasi
Country India
Continent Asia
Come in existance 11th century B.C
Previous name any Kashi
Area in KM 82.10 km
Area in miles 31.70 sq mi
Population 1,201,815
Population Density 15,000/km2 (38,000/sq mi)
Lat Long 25.3176° N, 82.9739° E
Name of Monuments Vishwanath Temple, Bharat Mata Temple, Tulsi Manas Temple, Durga Temple, Ram Nagar Fort, Banaras Hindu University, Tomb of Lal Khan, Manikarnika Ghat, Hanuman Ghat
Places to Visit Ganges River, Banaras Ghats, Dasaswamedh Ghat, New Vishwanath Temple, Manikarnika Ghat, Golden Temple, Monkey Temple, Tibetan Temple, Kedar Ghat, Tulsi Manas Temple, Bharat Mata Temple, Ramnagar Fort, Batuk Bhairav Mandir
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 542
Zip Code Start 221 001
Languages Bhojpuri and Hindi
Mayor Ram Gopal Mohle (BJP)
Rivers Ganges
Airports Lal Bahadur Shastri Airport

Historical Facts about Varanasi

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वाराणसी शहर को काशी कहा जाता है। वाराणसी नाम की दो स्थानीय नदियों वरुणा नदी एवं असि नदी के नाम से मिलकर बना है। ये नदियाँ गंगा नदी में आकर मिलती हैं। नाम का एक अन्य विचार वरुणा नदी के नाम से ही आता है जिसे प्राचीन काल में वरणासि ही कहा जाता है कि इसी से शहर को नाम मिला।  इसे हिन्दू मान्यता में सबसे बड़ा तीर्थ माना जाता है, किन्तु तीर्थ के रुप में वाराणसी का सबसे पुराना उल्लेख महाभारत मे मिलता है  महाभारत-पूर्व के किसी साहित्य में किसी भी तीर्थ आदि के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। कहा जाता है कहीं-कहीं आदिवासियों का वास रहा होगा। कालांतर में तीर्थों के बारे में कही गयी कथाएं अस्तित्त्व में आयीं और तीर्थ बढ़ते गये, जिनके आसपास नगर और शहर भी बसे। पृथ्वी के कुछ स्थान पुण्यप्रद तथा पवित्र होते है। इनमें से कोई तो स्थान की विचित्रता के कारण कोई जन्म के प्रभाव और कोई ॠषि-मुनियों के सम्पर्क से पवित्र हो गया !

Facts and Information about Ludhiana, India

Information about Ludhiana

Name Ludhiana
Country India
Continent Na
Come in existance 9th century.
Previous name any Lodhi Dynasty,
Area in KM 310 km
Area in miles 120 sq mi
Population 1,693,653
Population Density 9,752/km2 (25,260/sq mi)
Lat Long 30.9010° N, 75.8573° E
Name of Monuments Lodhi Fort, Phillaur Fort
Places to Visit Waves Mall, Punjab Agricultural University Museum, Rakh Bagh Park, Nehru Rose Garden, Guru Nanak Stadium, Phillaur Fort, Hardy’s World, Guru Nanak Bhawan, West End Mall, Pavilion Mall, Gurudwara Charan Kamal, Deer Park, Oswal Mills Showroom, Lodhi Fort, Payal Fort
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 161
Zip Code Start 141001
Languages English, French, Spanish, German, Hindi
Mayor Harcharan Singh
Rivers Sutlej River
Airports Sahnewal Airport

Historical Facts about Ludhiana

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लुधियाना भारत के पंजाब प्रांत का एक शहर है। इसका प्राचीन नाम लोदी-आना था, जोकि लोदी वन्श के नाम पर था।

Facts and Information about Nagpur, India

Information about Nagpur

Name Nagpur
Country India
Continent Asia
Come in existance 19th century
Previous name any Nag River
Area in KM 217.65 km
Area in miles 84.04 sq mi
Population 2,405,665
Population Density 11,000/km2 (29,000/sq mi)
Lat Long 21.1458° N, 79.0882° E
Name of Monuments Raj Bhavan, Ram Mandir,Sitabaldi Fort,
Places to Visit The Seminary Hill, Markanda, Sitabuldi Fort, Ramtek Temple, Dragon Palace Buddhist Temple, Maharajbagh Zoo, Japanese Rose Garden, LeArtigiano Art Gallery
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 91-712
Zip Code Start 400001
Languages Marathi
Mayor Pravin Prabhakarao Datke
Rivers Nag River
Airports Dr. Babasaheb Ambedkar International Airport

Historical Facts about Nagpur in Hindi

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नागपुर शहर की स्थापना देवगड़ के शासक गोंड वंश के राजा ने की थी
संतरे की राजधानी के रूप में विख्यात नागपुर महाराष्ट्र का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। पर्यटन की दृष्टि से यह महाराष्ट्र के अग्रणी शहरों में  है। यहां बने अनेक मंदिर, ऐतिहासिक इमारतें और झील यहां आने वाले सैलानियों के केन्द्र में होते हैं। इस शहर से बहने वाली नाग नदी के कारण इसका नाम नागपुर पड़ा। यह नदी नागपुर के पुराने हिस्से से गुज़रती है। नागपुर महानगर पालिका के चिन्ह पर नदी और एक नाग है।

Facts and Information about Pune

Information about Pune

Name Pune City
Country India
Continent  Asia
Come in existance 8th century
Previous name any punnaka
Area in KM 479 km2
Area in miles 185 sq mi
Water Area 700 km²
Population 3,124,458
Population Density 10,412 per square kilometre
Lat Long 18.5204° N, 73.8567° E
Name of Monuments Aga Khan Palace, Shindyanchi Chhatri, Parvati Hill and Temple, Lal Mahal, The Osho International Commune
Places to Visit Darshan Museum, Iskcon NVCC Temple, National Defence Academy, Sri Balaji Mandir, Malshej Ghats, Sinhagad Fort, Rajgad Fort, Narayani Dham Temple, Sarasbaug Ganpati Temple, Pu La Deshpande Garden, Ranjangaon Ganpati Temple, Katraj Jain Temple, Chaturshrungi Temple, Raja Dinkar Kelkar Museum, Phoenix Market City, Bhuleshwar Temple, Parvati Temple, Aga Khan Palace, Pataleshwar Cave Temple, Mulshi Dam, University of Pune, Seasons Mall, Torna Fort, Baneshwar Temple
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 20
Zip Code Start 411 002,
Languages Marathi, Hindi, English
Mayor Prashant Jagtap
Rivers Mutha river.
Airports Pune Airport

Packers and Movers Pune and Packers and Movers in Pune

Historical Facts about Pune

पुणे भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक महत्त्वपूर्ण शहर है। यह शहर महाराष्ट्र मुला व मूठा इन दो नदियों के किनारे बसा है और पुणे जिला का प्रशासकीय मुख्यालय है। सार्वजनिक सुखसुविधा व विकास के हिसाब से पुणे महाराष्ट्र मे मुंबई के बाद अग्रसर है। अनेक नामांकित शिक्षणसंस्थायें होने के कारण इस शहर को ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ भी कहा जाता है। पुणे में अनेक प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाईल उपक्रम हैं, इसलिए पुणे भारत का ”डेट्राइट” जैसा लगता है।

काफी प्राचीन ज्ञात इतिहास से पुणे शहर महाराष्ट्र की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ माना जाता है। मराठी भाषा इस शहर की मुख्य भाषा है। पुणे यह नाम ‘पुण्यनगरी’ नाम से आया समझा जाता है। यह शहर को  मे ‘पुन्नक’ (या ‘पुण्यक’) नाम से जाना जाता था, लोगो का कहना  ‘कसबे पुणे’ या ‘पुनवडी’ नाम से जाना जाने लगा। मराठा साम्राज्य के काल खंड मे शहर का नाम ‘पुणे’ मे रूप मे उपयोग मे लाया जाने लगा। ब्रिटिश ने उसे ‘पूना’ कह कर संबोधित करने की सुरुआत की। अब यह पुणे, के  नाम से जाना जाता है।

 

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Facts and Information about Kanpur, India

Information about Kanpur

Name Kanpur
Country India
Continent Asia
Come in existance 1207
Previous name any Karnapur
Area in KM 403.70 km
Area in miles 155.87 sq mi
Water Area 403.7 km²
Population 2,765,348
Population Density 1,449 inhabitants per square kilometre (3,750/sq mi)
Lat Long 26.4499° N, 80.3319° E
Name of Monuments Jajmau kanpur, Massacre Ghat, Gurudwara Banno sahib, shri Radhakrishna Temple, Buddha Park, Moti Jheel Park, Nana Rao Park , Phool Bagh
Places to Visit Bithoor, Boodha Bargad, Kanpur Gardens, Shri Radhakrishna Temple, Jain Glass Temple, Allen Forest Zoo, Jajmau,
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 0512
Zip Code Start 208002
Languages 1. Hindi 2. English 3. Avadhi 4. Urdu
Mayor Shri Jagat Vir Singh Drona
Rivers Ganges River.
Airports Kanpur Airport

Historical facts about Kanpur

images1कानपुर शहर की स्थापना सचेन्दी राज्य के राजा हिन्दू सिंह ने की थी। कानपुर का मूल नाम ‘कान्हपुर’ था। इस  नगर की उत्पत्ति का सचेंदी के राजा हिंदूसिंह ने की, इस नगर का शासन भी कन्नौज तथा कालपी के शासकों के हाथों में रहा और बाद में मुसलमान शासकों के। १७७३ की संधि के बाद यह नगर अंग्रेजों के शासन में आया, फलस्वरूप १७७८ ई. में यहाँ अंग्रेज छावनी बनी। अंग्रेजों ने यहाँ उद्योग धंधों को जन्म दिया तथा नगर के विकास का प्रारंभ हुआ। सबसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहाँ नील का व्यवसाय प्रारंभ किया। १८३२ में ग्रैंड ट्रंक सड़क के बन जाने पर यह नगर इलाहाबाद से जुड़ गया। १८६४ ई. में लखनऊ, कालपी आदि मुख्य स्थानों से सड़कों द्वारा जोड़ दिया गया। १८५७ के विद्रोह के बाद छावनी की सीमा नहर तथा जाजमऊ के बीच में सीमित कर दी गई; फलस्वरूप छावनी की सारी उत्तरी-पश्चिमी भूमि नागरिकों तथा शासकीय कार्य के निमित्त छोड़ दी गई। १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ के साथ-साथ कानुपर भी अग्रणी रहा। नाना साहब की अध्यक्षता में भारतीय वीरों ने अनेक अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया। इन्होंने नगर के अंग्रेजों का सामना जमकर किया किंतु संगठन की कमी और अच्छे नेताओं के अभाव में ये पूर्णतया दबा दिए गए शांति हो जाने के बाद विद्रोहियों को काम देकर व्यस्त रखने के लिए तथा नगर का व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त स्थिति का लाभ उठाने के लिए नगर में उद्योग धंधों का विकास तीव्र गति से प्रारंभ हुआ। १८५९ ई. में नगर में रेलवे लाइन का संबंध स्थापित हुआ। इसके पश्चात् छावनी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरकारी चमड़े का कारखाना खुला। १८६१ ई. में सूती वस्त्र बनाने की पहली मिल खुली। क्रमश: रेलवे संबंध के प्रसार के साथ नए-नए कई कारखाने खुलते गए। द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् नगर का विकास बहुत तेजी से हुआ। यहाँ मुख्य रूप से बड़े उद्योग-धंधों में सूती वस्त्र उद्योग प्रधान था। चमड़े के कारबार का यह उत्तर भारत का सबसे प्रधान केंद्र है। ऊनी वस्त्र उद्योग तथा जूट की दो मिलों ने नगर की प्रसिद्धि को अधिक बढ़ाया है। इन बड़े उद्योगों के अतिरिक्त कानपुर में छोटे-छोटे बहुत से कारखानें हैं। प्लास्टिक का उद्योग, इंजिनियरिंग तथा इस्पात के कारखाने, बिस्कुट आदि बनाने के कारखाने पूरे शहर में फैले हुए हैं

कानपुर छावनी कानपुर नगर में ही है। सन् १७७८ ई. में अंग्रेज़ी छावनी बिलग्राम के पास फैजपुर ‘कंपू’ नामक स्थान से हटकर कानपुर आ गई। कानपुर के सन् १८४० ई. के मानचित्र से विदित होता है कि उत्तर की ओर पुराने कानपुर की पूर्वी सीमा से जाजमऊ तक गंगा के किनारे-किनारे छावनी की सीमा चली गई थी। १८५७ के विद्रोह के बाद छावनी की प्राय: सभी इमारतें नष्ट कर दी गईं। मेमोरियल चर्च, कानपुर क्लब और लाट साहब की कोठी के कारण यहाँ की रौनक कुछ बनी हुई है। छावनी का प्रबंध कैंटूनमेंट बोर्ड के सुपुर्द है जिसके कुछ चुने हुए सदस्य होते हैं।

कानपुर के दर्शनीय स्थल

नानाराव पार्क (कम्पनी बाग), चिड़ियाघर, राधा-कृष्ण मन्दिर, सनाधर्म मन्दिर, काँच का मन्दिर, श्री हनुमान मन्दिर पनकी, सिद्धनाथ मन्दिर, जाजमऊ आनन्देश्वर मन्दिर परमट, जागेश्वर मन्दिर चिड़ियाघर के पास, सिद्धेश्वर मन्दिर चौबेपुर के पास, बिठूर साँई मन्दिर, गंगा बैराज, छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवँ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, ब्रह्मदेव मंदिर इत्यादि।

जाजमऊ– जाजमऊ को प्राचीन काल में सिद्धपुरी नाम से जाना जाता था। यह स्थान पौराणिक काल के राजा ययाति के अधीन था। वर्तमान में यहां सिद्धनाथ और सिद्ध देवी का मंदिर है। साथ ही जाजमऊ लोकप्रिय सूफी संत मखदूम शाह अलाउल हक के मकबरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इस मकबरे को 1358 ई. में फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया था। 1679 में कुलीच खान की द्वारा बनवाई गई मस्जिद भी यहां का मुख्य आकर्षण है। 1957 से 58 के बीच यहां खुदाई की गई थी जिसमें अनेक प्राचीन वस्तुएं प्राप्त हुई थी।

श्री राधाकृष्ण मंदिर-यह मंदिर जे. के. मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बेहद खूबसूरती से बना यह मंदिर जे. के. ट्रस्ट द्वारा बनवाया गया था। प्राचीन और आधुनिक शैली से निर्मित यह मंदिर कानपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहता है। यह मंदिर मूल रूप से श्रीराधाकृष्ण को समर्पित है। इसके अलावा श्री लक्ष्मीनारायण, श्री अर्धनारीश्वर, नर्मदेश्वर और श्री हनुमान को भी यह मंदिर समर्पित है।

जैन ग्लास मंदिर-वर्तमान में यह मंदिर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। यह खूबसूरत नक्कासीदार मंदिर कमला टॉवर के विपरीत महेश्वरी मोहाल में स्थित है। मंदिर में ताम्रचीनी और कांच की सुंदर सजावट की गई है।

कमला रिट्रीट-कमला रिट्रीट एग्रीकल्चर कॉलेज के पश्चिम में स्थित है। इस खूबसूरत संपदा पर सिंहानिया परिवार का अधिकार है। यहां एक स्वीमिंग पूल बना हुआ है, जहां कृत्रिम लहरें उत्पन्न की जाती है। यहां एक पार्क और नहर है। जहां चिड़ियाघर के समानांतर बोटिंग की सुविधा है। कमला रिट्रीट में एक संग्रहालय भी बना हुआ है जिसमें बहुत सी ऐतिहासिक और पुरातात्विक वस्तुओं का संग्रह देखा जा सकता है। यहां जाने के लिए डिप्टी जनरल मैनेजर की अनुमति लेना अनिवार्य है।

फूल बाग-फूल बाग को गणेश उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। इस उद्यान के मध्य में गणेश शंकर विद्यार्थी का एक मैमोरियल बना हुआ है। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यहां ऑथरेपेडिक रिहेबिलिटेशन हॉस्पिटल बनाया गया था। यह पार्क शहर के बीचों बीच मॉल रोड पर बना है।

एलेन फोरस्ट ज़ू-1971 में खुला यह चिड़ियाघर देश के सर्वोत्तम चिड़ियाघरों में एक है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का तीसरा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है और यहाँ 1250 जानवर हैं। कुछ समय पिकनिक के तौर पर बिताने और जीव-जंतुओं को देखने के लिए यह चिड़ियाघर एक बेहतरीन जगह है। इस चिड़ियाघर में मिनी ट्रेन और विधुत रिक्शा भी चलता है।[2]

कानपुर मैमोरियल चर्च-1875 में बना यह चर्च लोम्बार्डिक गोथिक शैली में बना हुआ है। यह चर्च उन अंग्रेज़ों को समर्पित है जिनकी 1857 के विद्रोह में मृत्यु हो गई थी। ईस्ट बंगाल रेलवे के वास्तुकार वाल्टर ग्रेनविले ने इस चर्च का डिजाइन तैयार किया था।

नाना राव पार्क-नाना राव पार्क फूल बाग से पश्चिम में स्थित है। 1857 में इस पार्क में बीबीघर था। आज़ादी के बाद पार्क का नाम बदलकर नाना राव पार्क रख दिया गया।

जेड स्क़ुअरे माल-वर्तमान मे यह जगह शहर का सबसे बड़ा आकर्शन का केन्द्र है | यहा पे कई सारी खाने पीने और् खरीदारी के शोरूम है |

Information and Facts about Muzaffarpur

Information about Muzaffarpur

Name Muzaffarpur
Country India
Continent Asia
Come in existance 1875
Previous name any Muzaffar Khan
Area in KM 3,172 km2
Area in miles 1,225 sq mi
Water Area 3,172 km²
Population 393,724
Population Density 1,181 people per sq. km.
Lat Long 26.1209° N, 85.3647° E
Name of Monuments Baba Garibnath Temple, Rajkhand, Jubba Sahni Park, Ramna Devi Mandir, Shri Ram Temple, Kali Mata Temple,
Places to Visit Garib Sthan Mandir Temple, Litchi Gardens, Jubba Sahni Park, Ramna Devi Mandir, Kali Mata Temple, Shri Ram Temple, Simri Mai Temple, Ambara Chowk
Time Zone IST (UTC+5:30)
STD 621
Zip Code Start 842001
Languages Hindi, English, Maithili, Bajjika, Urdu
Mayor Varsha Singh
Rivers Bagmati River
Airports Muzaffarpur Airport

Historical Facts about Muzaffarpur in Hindi
मुजफ्फरपुर उत्तरी बिहार राज्य के सबसे बड़े शहर का मुख्यालय तथा मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले का प्रमुख नगर एवं मुख्यालय है। अपने सूती वस्त्र उद्योग तथा आम और लीची जैसे फलों के उम्दा उत्पादन के लिये यह जिला पूरे विश्व में जाना जाता है। यहाँ तक भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक को यहाँ से लिच्ची भेजी जाती है। उत्तर में पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी या सीतामढी, दक्षिण में वैशाली और सारण, पूर्व में समस्तीपुर और दरभंगा तथा पश्चिम में गोपालगंज से मुजफ्फरपुर जिला घिरा है। बज्जिका यहाँ की बोली और हिन्दी तथा उर्दू यहाँ की मुख्य भाषाएँ हैं। मिथिला के राजा जनक के समय तिरहुत प्रदेश मिथिला का अंग था। बाद में राजनैतिक शक्ति विदेह से वैशाली की ओर हस्तांतरित हुआ। तीसरी सदी में भारत आए चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा विवरणों से यह पता चलता है कि यह क्षेत्र काफी समय तक महाराजा हर्षवर्धन के शासन में रहा। उनकी मृत्यु के बाद स्थानीय क्षत्रपों का कुछ समय शासन रहा तथा आठवीं सदी के बाद यहाँ बंगाल के पाल वंश के शासकों का शासन शुरु हुआ जो 1019 तक जारी रहा। तिरहुत पर लगभग 11 वीं सदी मे चेदि वंश का भी कुछ समय शासन रहा। सन 1211 से 1226 बीच गैसुद्दीन एवाज़ तिरहुत का पहला मुसलमान शासक बना। चम्पारण के सिमराँव वंश के शासक हरसिंह देव के समय 1323 ईस्वी में तुग़लक वंश के शासक गयासुद्दीन तुग़लक ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया लेकिन उसने सत्ता मिथिला के शासक कामेश्वर ठाकुर को सौंप दी। चौदहवीं सदी के अंत में तिरहुत समेत पूरे उत्तरी बिहार का नियंत्रण जौनपुर के राजाओं के हाथ में चला गया जो तबतक जारी रहा जबतक दिल्ली सल्तनत के सिकन्दर लोदी ने जौनपुर के शासकों को हराकर अपना शासन स्थापित नहीं किया। इसके बाद विभिन्न मुग़ल शासकों और बंगाल के नवाबों के प्रतिनिधि इस क्षेत्र का शासन चलाते रहे। पठान सरदार दाऊद खान को हराने के बाद मुगलों ने नए बिहार प्रांत का गठन किया जिसमें तिरहुत को शामिल कर लिया गया।
1764 में बक्सर की लडाई के बाद यह क्षेत्र सीधे तौर पर अंग्रेजी हुकूमत के अधीन हो गया। सन 1875 में प्रशासनिक सुविधा के लिये तिरहुत का गठन कर मुजफ्फरपुर जिला बनाया गया। मुजफ्फरपुर ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूरण भूमिका निभाई है। महात्मा गाँधी की दो यात्राओं ने इस क्षेत्र के लोगों में स्वाधीनता के चाह की नयी जान फूँकी थी। खुदीराम बोस तथा जुब्बा साहनी जैसे अनेक क्रांतिकारियों की यह कर्मभूमि रही है। 1930 के नमक आन्दोलन से लेकर 1942 के भारत छोडो आन्दोलन के समय तक यहाँ के क्रांतिकारियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे। मुजफ्फरपुर का वर्तमान नाम ब्रिटिस काल के राजस्व अधिकारी मुजफ्फर खान के नाम पर पड़ा है। 1972 तक मुजफ्फरपुर जिले में शिवहर, सीतामढी तथा वैशाली जिला शामिल था। मुजफ्फरपुर को इस्लामी और हिन्दू सभ्यताओं की मिलन स्थली के रूप में भी देखा जाता रहा है। दोनों सभ्यताओं के रंग यहाँ गहरे मिले हुये हैं और यही इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी है।

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