गोंडल, जानकारी, नक्शा, इतिहास और दर्शनीय स्थल

गोंडल के बारे मे जानकारी

गोंडल शहर, गुजरात के राजकोट जिले में स्थित है, पहले गोंडल प्रथम श्रेणी की रियासत हुआ करती थी, इसके बाद अंग्रेजो के समय में यह बोम्बय रियासत का हिस्सा बनी।

गोंडल शहर के अक्षांस और देशांतर २१ डिग्री ९५ मिनट उत्तर से ७० डिग्री ७९ मिट पूर्व तक है, गोंडल का क्षेत्रफल ८८ वर्ग किलोमीटर है, और यह समुद्रतल से १३२ वर्ग किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है, गोंडल की जनसँख्या ११२०६४ है, आधिकारिक रूप से यहाँ पर गुजरती और हिंदी बोली जाती है।

गोंडल की सक्षरता ८४.३% जिसमे पुरुषो की ८८.६% और महिलाओ की ७९.६२%, यहाँ पर महिला पुरुष अनुपात ९२४ महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है और कुल जनसँख्या ११२१९७ में १२०३७ बचे ६ साल से कम आयु के है जो की कुल जनसँख्या का १०% है।

गोंडल का नक्शा मानचित्र मैप

गोंडल का नक्शा गूगल मैप पर

गोंडल शहर दर्शनीय स्थल

गोंडल में देखने के लिए कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारक और इमारते है, इनमे सबसे प्रसिद्द है नौलखा महल जो की १७वी शताब्दी का बना हुआ है, इसमें पथ्थरो पर कारीगरी करके उसमे झरोखे बनाये गए है।

कोलोनिकल तरीके से बना हुआ महल जो की १८७५ में भगवत सिंहजी ने अपने पुत्र के लिए बनवाया था ये भी देखने योग्य है पर अब इसे हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है।

शाही लोगो के रहने का महल हुज़ूर महल भी देखने योग्य है, इसे पहले ऑर्चर्ड महल कहते थे ये १९वी शताब्दी के अंत में बनवाया गया था।

इसी तरह के अन्य ऐतिहासिक इमारते दर्शनीय और पर्यटन के लिए उपयुक्त है।

गोंडल का इतिहास

गोंडल पर पहले हिन्दू जडेजा राजाओं ने राज्य किया, गोंडल का विवरण आईने अकबरी में भी है जिसे अकबर के कार्यकाल में लिखा गया था, तब इसे मिरात ऐ अहमदी बघेल राज्य के रूप में जाना जाता था जो की सौराष्ट्र में पढता था, गोंडल जो की काठियावाड़ का हिस्सा था अलग से १६३४ में बना जो ठाकरे श्री कुम्भोजी मेरामनजी द्वारा बसाया गया था, वे कुम्भोजी प्रथम के नाम से भी जाने जाते थे।
उनके बाद ४ पीढ़िया और थी जिन्होंने कुम्भोजी का नाम रखा, उनके बाद भगवंत सिंघजी ने यहाँ पर राज्य किया हन्होंने १८८८ से १९४४ तक राज किया और जो टैक्स पद्दति के लिए प्रसिद्द रहे, इन्होंने हे पर्दा प्रथा का अंत किया।

गोंडल का ज्यातर इतिहास, काठियावाड़, राजकोट और सोमनाथ से जुड़ा हुआ है, इसलिए गोंडल का अतिरिक्त इतिहास उपलब्ध नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *